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Ashoknagar: न पैसों का भुगतान, न घर लौटने की अनुमति; 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करवाकर लाई पुलिस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 08 Jan 2026 08:38 PM IST
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सार

गन्ना कटाई के लिए महाराष्ट्र भेजे गए मजदूरों को बंधक बनाए जाने के मामले में कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने 36 मजदूरों को मुक्त कराया। बताया जा रहा है कि इन मजदूरों को न तो पैसों का भुगतान किया जा रहा था और न ही घर लौटने दिया जा रहा था।
 

Ashoknagar News: Trapped without wages or freedom, 36 labourers rescued by police from Maharashtra
36 बंधुआ मजदूरों को वापस घर लाई पुलिस
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विस्तार
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जिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।

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जब मजदूरों के परिजनों का संपर्क टूट गया तो उन्होंने मुंगावली विधायक से संपर्क किया, जिसके बाद यह जानकारी पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा तक पहुंची। एसपी मिश्रा ने थाना प्रभारी मुंगावली अरविंद सिंह कछुवाह और बहादुरपुर थाना प्रभारी नीलम सिंह यादव को मजदूरों को वापस लाने के लिए एक टीम भेजने के निर्देश दिए। मुंगावली से एएसआई राम सिंह नंदया और बहादुरपुर से आरक्षक उपेंद्र सिंह महाराष्ट्र के लिए रवाना हुए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया और मजदूरों तक पहुंचे। पुलिस को पता चला कि किसी भी मजदूर के पास पैसे या खाने का सामान नहीं था।
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पुलिस ने स्वयं उनके खाने का इंतजाम किया और कुछ दूरी तक के लिए एक पिकअप वाहन किराए पर लिया। इसके बाद ट्रेन के टिकट भी पुलिस ने खुद ही खरीदे। इन मजदूरों को वापस लाने में पुलिस को तीन दिन का समय लगा। गुरुवार को सभी मजदूर बहादुरपुर पहुंचे, जहां से उन्हें सकुशल उनके घरों तक पहुंचाया गया।

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जानकारी के अनुसार ये मजदूर रिजवान नामक व्यक्ति के माध्यम से महाराष्ट्र गए थे। दरअसल बेलई, तेवरिया, बरवटपुरा थाना दीपनाखेड़ी, सरसैरा, खिरका सहित कई गांवों के कुल 80 लोग महाराष्ट्र में गन्ना कटाई के लिए गए थे, जहां उन्हें प्रतिदिन 500 रुपये मजदूरी देने का वादा किया गया था। 

इसके पहले भी परिवार के लोगों का संपर्क टूटने पर उन्होंने मुंगावली विधायक से संपर्क किया था, जिसके बाद एसपी तक बात पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से 40 लोगों को पहले ही मुक्त करा लिया गया था, जो कुछ दिनों पहले वापस आ गए थे लेकिन 36 लोग वहीं पर बंधक थे। पुलिस के प्रयास से अब वे लोग भी वापस आ गए हैं।

मुक्त कराए गए 36 लोगों में महिला, पुरुष व बच्चे थे। इस मामले की जानकारी देते हुए एसडीओपी सनम बी खान एवं मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि आरोपी रिजवान ने मजदूरों का जो पैसा लिया है, उसके बारे में पता लगा रहे हैं। जल्दी ही मजदूरों के पैसे वापस दिलाए जाएंगे।

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