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खगोलीय घटना: शनि, मंगल, शुक्र और बृहस्पति की कतार के साथ चंद्रमा की चाल, धरती से बिना उपकरण देख सकेंगे
Sun, 24 Apr 2022 04:52 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 24 Apr 2022 04:52 PM IST
सार
अगर आपके आसपास कोई खगोलविज्ञान केंद्र या खगोलविद् नहीं है और असंख्य तारों के बीच अपने सौर परिवार के सदस्यों को पहचानना चाहते हैं तो रविवार देर रात से आगामी तीन दिनों तक चंद्रमा इन ग्रहों की एक एक करके पहचान कराने जा रहा है।
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शनि, मंगल, शुक्र और बृहस्पति की कतार के साथ चंद्रमा की चाल, धरती से बिना उपकरण देख सकेंगे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आप असंख्य तारों के बीच अपने सौर परिवार के सदस्यों को पहचानना चाहते हैं तो रविवार देर रात से आगामी तीन दिनों तक चंद्रमा इन ग्रहों की एक एक करके पहचान कराने जा रहा है।
नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इसके लिए रविवार सुबह 4 बजे आपको पूर्व दिशा में आकाश को निहारना होगा। अर्द्धचंद्राकार चंद्रमा सौरमंडल के सबसे सुंदर ग्रह शनि (सैटर्न) के साथ होकर शनि की पहचान कराएगा। यह आगे चलते हुए 25 अप्रैल की देर रात को मंगल (मार्स) के नीचे रहेगा। 26 अप्रैल की देर रात जब कि 27 अप्रैल आरंभ हो चुका होगा तब चंद्रमा जुपिटर और वीनस की जोड़ी के साथ होकर उनका परिचय देगा।
सारिका ने बताया कि 30 अप्रैल-1 मई की दरमियानी रात 4 बजे पूर्वी आकाश में वीनस और जुपिटर एक दूसरे में समाये से होंगे। जुपिटर और वीनस का यह अल्ट्रा क्लोज कंजक्शन होगा। खगोलीय पिंडों के मिलन की इन घटनाओं को बिना किसी उपकरण से देखा जा सकेगा।
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नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इसके लिए रविवार सुबह 4 बजे आपको पूर्व दिशा में आकाश को निहारना होगा। अर्द्धचंद्राकार चंद्रमा सौरमंडल के सबसे सुंदर ग्रह शनि (सैटर्न) के साथ होकर शनि की पहचान कराएगा। यह आगे चलते हुए 25 अप्रैल की देर रात को मंगल (मार्स) के नीचे रहेगा। 26 अप्रैल की देर रात जब कि 27 अप्रैल आरंभ हो चुका होगा तब चंद्रमा जुपिटर और वीनस की जोड़ी के साथ होकर उनका परिचय देगा।
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सारिका ने बताया कि 30 अप्रैल-1 मई की दरमियानी रात 4 बजे पूर्वी आकाश में वीनस और जुपिटर एक दूसरे में समाये से होंगे। जुपिटर और वीनस का यह अल्ट्रा क्लोज कंजक्शन होगा। खगोलीय पिंडों के मिलन की इन घटनाओं को बिना किसी उपकरण से देखा जा सकेगा।
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