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MP: मृत शिक्षक कैसे आएगा जनगणना ड्यूटी पर? लिस्ट में नाम देखकर लोग हैरान; ट्रेनिंग के दौरान आई बड़ी लापरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
Published by: बड़वानी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2026 10:07 AM IST
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सार
बड़वानी जिले के पाटी में जनगणना ड्यूटी लिस्ट जारी करने में प्रशासन से बड़ी चूक सामने आई है, जहां मृत शिक्षक का नाम भी प्रशिक्षण सूची में शामिल कर दिया गया। मामले के उजागर होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, मामले ने जैसे तूल पकड़ा तो तहसीलदार ने गलती मानी। पढ़ें पूरी खबर
मृतक शिक्षक संतोष मालवीय का फाइल फोटो व तहसीलदार द्वारा जारी आदेश की कॉपी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के बड़वानी के पाटी में जनगणना की ड्यूटी लगाने में प्रशासन से एक बड़ी चूक हो गई है। तहसीलदार की तरफ से जारी लिस्ट में एक ऐसे टीचर का नाम भी शामिल कर दिया गया, जिनकी मौत हो चुकी है। ट्रेनिंग के दौरान जब यह बात सामने आई, तो हड़कंप मच गया। ये मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
पाटी तहसीलदार बबली बरड़े ने शिक्षा विभाग के 32 कर्मचारियों को 27 से 29 अप्रैल तक ट्रेनिंग के लिए बुलाया था। इस लिस्ट में 23वें नंबर पर संतोष मालवीय का नाम था, जो रावतलिया फलियां स्कूल में टीचर थे। संतोष मालवीय की मौत 13 अप्रैल को ही हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम का आदेश जारी कर दिया गया।
पुराने रिकॉर्ड के कारण हुई गड़बड़ी
अब कहा जा रहा है कि ड्यूटी लिस्ट बनाते वक्त पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया। पोर्टल पर टीचर की मौत की जानकारी अपडेट नहीं थी, जिसकी वजह से यह गलती हुई। अब प्रशासन लिस्ट में सुधार कर रहा है और मृतक शिक्षक की जगह दूसरे कर्मचारी को ट्रेनिंग पर भेजने की तैयारी है।
32 कर्मचारी रहे अनुपस्थित, नोटिस जारी
एक तरफ जहां मृत शिक्षक की ड्यूटी लग गई, वहीं दूसरी तरफ जो कर्मचारी जिंदा हैं, उनमें से 32 लोग ट्रेनिंग से गायब मिले। इसे लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि काम में कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ये भी पढ़ें- Bhopal: आधी रात धधका निगम का कचरा स्टेशन, आग में स्वाहा हुआ 25 लाख का प्लांट; किसकी लापरवाही व कैसे लगी आग?
तहसीलदार ने मानी चूक, दिए निर्देश
तहसीलदार ने माना कि जानकारी न होने की वजह से यह गड़बड़ी हुई। अब अधिकारियों ने आदेश दिए हैं कि आगे से किसी की भी ड्यूटी लगाने से पहले उसका पूरा रिकॉर्ड चेक किया जाए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
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पाटी तहसीलदार बबली बरड़े ने शिक्षा विभाग के 32 कर्मचारियों को 27 से 29 अप्रैल तक ट्रेनिंग के लिए बुलाया था। इस लिस्ट में 23वें नंबर पर संतोष मालवीय का नाम था, जो रावतलिया फलियां स्कूल में टीचर थे। संतोष मालवीय की मौत 13 अप्रैल को ही हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम का आदेश जारी कर दिया गया।
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पुराने रिकॉर्ड के कारण हुई गड़बड़ी
अब कहा जा रहा है कि ड्यूटी लिस्ट बनाते वक्त पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया। पोर्टल पर टीचर की मौत की जानकारी अपडेट नहीं थी, जिसकी वजह से यह गलती हुई। अब प्रशासन लिस्ट में सुधार कर रहा है और मृतक शिक्षक की जगह दूसरे कर्मचारी को ट्रेनिंग पर भेजने की तैयारी है।
32 कर्मचारी रहे अनुपस्थित, नोटिस जारी
एक तरफ जहां मृत शिक्षक की ड्यूटी लग गई, वहीं दूसरी तरफ जो कर्मचारी जिंदा हैं, उनमें से 32 लोग ट्रेनिंग से गायब मिले। इसे लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि काम में कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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तहसीलदार ने मानी चूक, दिए निर्देश
तहसीलदार ने माना कि जानकारी न होने की वजह से यह गड़बड़ी हुई। अब अधिकारियों ने आदेश दिए हैं कि आगे से किसी की भी ड्यूटी लगाने से पहले उसका पूरा रिकॉर्ड चेक किया जाए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

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