Betul: पदोन्नति से जुड़े लंबित मामले को खत्म कराने के लिए 55 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप, दो कर्मचारी पकड़ाए
बैतूल के पश्चिम वन मंडल कार्यालय में पदोन्नति से जुड़े लंबित विभागीय मामले को खत्म कराने के लिए 55 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में भोपाल लोकायुक्त ने कार्रवाई की। टीम ने सहायक ग्रेड-2 माखनलाल पाल और डाटा एंट्री ऑपरेटर अभय सिंह तोमर को कथित रिश्वत लेते पकड़ा। मामले की जांच जारी है।
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पश्चिम वन मंडल कार्यालय बैतूल में पदोन्नति से जुड़े एक लंबित विभागीय मामले को समाप्त कराने के एवज में 55 हजार रिश्वत मांगने के आरोप में भोपाल लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की। विभाग के दो कर्मचारियों को कथित रूप से रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता वनरक्षक सुकांत पाठक ने पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके पदोन्नति से जुड़े मामले को आगे बढ़ाने और लंबित विभागीय प्रकरण को समाप्त कराने के बदले 55 हजार की मांग की जा रही है।
विभागीय जांच से जुड़ा था मामला
लोकायुक्त डीएसपी कवीन्द्र सिंह चौहान के अनुसार, शिकायतकर्ता के विरुद्ध वर्ष 2023 में विभागीय जांच हुई थी। जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई की गई थी। इसके बाद वन हानि की राशि की वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित एक अन्य प्रक्रिया भी लंबित थी। बताया गया कि लंबित प्रकरण के कारण हाल में हुई पदोन्नति प्रक्रिया में शिकायतकर्ता के नाम पर विचार नहीं हो सका था। आरोप है कि इसी लंबित मामले को समाप्त कराने के लिए कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
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शिकायत के सत्यापन के बाद कार्रवाई
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसका सत्यापन कराया। अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने नियोजित तरीके से कार्रवाई की। 17 अगस्त को एसडीओ कार्यालय के बाहर शिकायतकर्ता द्वारा कथित रूप से रिश्वत की राशि दी गई। कार्रवाई के दौरान माखनलाल पाल, सहायक ग्रेड-2 तथा अभय सिंह तोमर, डाटा एंट्री ऑपरेटर को लोकायुक्त टीम ने पकड़ा। टीम ने कथित रिश्वत राशि बरामद कर ली और मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
डीएफओ और एसडीओ से बात कराने का भी आरोप
लोकायुक्त अधिकारी के मुताबिक, शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि दोनों कर्मचारी लंबित विभागीय प्रकरण को समाप्त कराने के लिए डीएफओ और एसडीओ से बात कराने के नाम पर राशि की मांग कर रहे थे। इस संबंध में लोकायुक्त द्वारा आगे की जांच की जा रही है। मामले में रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकरण में अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं।
लोकायुक्त की कार्रवाई से विभाग में हलचल
कार्रवाई के बाद पश्चिम वन मंडल कार्यालय में हलचल की स्थिति रही। लोकायुक्त टीम द्वारा प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

पदोन्नति के नाम पर ₹55 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, लोकायुक्त की कार्रवाई में दो कर्मचारी पकड़े
