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पति के दोस्त के प्यार में अंधी हुई मां: मासूम बेटी के पकड़े हाथ, प्रेमी ने घोंटा गला; भिंड में हत्या का खुलासा
Mon, 17 Aug 2026 11:39 AM IST
भिन्ड ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: भिन्ड ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:39 AM IST
सार
भिंड के लहार थाना क्षेत्र के मेहरा बुजुर्ग गांव में 6 साल की बच्ची की हत्या के मामले का पुलिस ने करीब दो महीने बाद खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की मां और उसके प्रेमी ने संबंधों के खुलासे और सामाजिक बदनामी के डर से उसकी हत्या की साजिश रची थी।
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प्रेमी प्रेमिका और मृत बच्ची
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र के मेहरा बुजुर्ग गांव में 6 साल की मासूम बच्ची की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करीब दो महीने से पुलिस के लिए पहेली बनी अंधी हत्या की वारदात में बच्ची की मां और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपने संबंधों के खुलासे और सामाजिक बदनामी के डर से मासूम को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।
इलाके में सनसनी फैली
पूरा मामला 15 जून का बताया जा रहा है। मेहरा बुजुर्ग गांव के एक कुएं में छह साल की बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में बच्ची की पहचान भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाकर मृतका की पहचान कराई। इसके बाद फॉरेंसिक जांच और डायटम टेस्ट रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
ग्वालियर से पुलिस ने पकड़ा
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिले। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी जांच से बचने के लिए अपने निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बच रहे थे और राहगीरों के मोबाइल से एक-दूसरे से संपर्क कर रहे थे। इसके बावजूद साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों, टावर लोकेशन और अन्य जानकारी का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 15 अगस्त को दोनों संदिग्धों को ग्वालियर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक, दोनों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की।
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नाना के घर जाने की जिद कर रही थी मासूम
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मासूम अपने नाना के घर जाने की जिद कर रही थी। आरोपियों को कथित तौर पर डर था कि बच्ची के नाना के घर जाने पर उनके संबंधों की जानकारी सामने आ सकती है। इसी आशंका में दोनों ने बच्ची को बहला-फुसलाकर रात के समय कुएं के पास ले जाने और उसकी हत्या करने की साजिश रची। इसके बाद शव को कुएं में फेंक दिया गया, ताकि वारदात के सबूत छिपाए जा सकें।
ये भी पढ़ें- MP: सौरभ शर्मा की 100 करोड़ की काली कमाई मामले में लोकायुक्त जांच पूरी, मां-पत्नी समेत 15 से अधिक बनेंगे आरोपी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल की पुनर्रचना कराई और उसकी वीडियोग्राफी भी की। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अंधी हत्या का जल्द खुलासा करने वाली पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
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इलाके में सनसनी फैली
पूरा मामला 15 जून का बताया जा रहा है। मेहरा बुजुर्ग गांव के एक कुएं में छह साल की बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में बच्ची की पहचान भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाकर मृतका की पहचान कराई। इसके बाद फॉरेंसिक जांच और डायटम टेस्ट रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
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ग्वालियर से पुलिस ने पकड़ा
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिले। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी जांच से बचने के लिए अपने निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बच रहे थे और राहगीरों के मोबाइल से एक-दूसरे से संपर्क कर रहे थे। इसके बावजूद साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों, टावर लोकेशन और अन्य जानकारी का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 15 अगस्त को दोनों संदिग्धों को ग्वालियर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक, दोनों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की।
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नाना के घर जाने की जिद कर रही थी मासूम
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मासूम अपने नाना के घर जाने की जिद कर रही थी। आरोपियों को कथित तौर पर डर था कि बच्ची के नाना के घर जाने पर उनके संबंधों की जानकारी सामने आ सकती है। इसी आशंका में दोनों ने बच्ची को बहला-फुसलाकर रात के समय कुएं के पास ले जाने और उसकी हत्या करने की साजिश रची। इसके बाद शव को कुएं में फेंक दिया गया, ताकि वारदात के सबूत छिपाए जा सकें।
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पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल की पुनर्रचना कराई और उसकी वीडियोग्राफी भी की। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अंधी हत्या का जल्द खुलासा करने वाली पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
