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Bhopal News: भोपाल में न्याय पदयात्रा पर ब्रेक, 200KM चलकर पहुंचे छात्र नेता को पुलिस ने CM हाउस जाने रोका

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 11 Apr 2026 03:40 PM IST
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सार

आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने के लिए 200 किमी पदयात्रा कर भोपाल पहुंचे छात्र नेता रामकुमार नागवंशी को पुलिस ने बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी के पास रोक दिया। वे मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन आगे बढ़ने नहीं दिया गया।

Bhopal News: 'Nyay Padyatra' Halted in Bhopal; Student Leader, Who Walked 200 km, Stopped by Police from Reach
न्याय पदयात्रा को पुलिस ने रोका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी भोपाल में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के हक की आवाज लेकर पहुंचे छात्र नेता रामकुमार नागवंशी की पदयात्रा पर पुलिस ने ब्रेक लगा दिया। करीब 200 किलोमीटर का सफर तय कर बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी पहुंचे नागवंशी और उनके साथियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया और पास ही एक होटल के बाहर बैठा दिया गया।
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बैतूल से शुरू हुई थी 11 दिन की पदयात्रा
यह पदयात्रा 1 अप्रैल को बैतूल के अंबेडकर चौक से शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य 11 दिन में भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना था। लेकिन राजधानी पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें सीएम हाउस की ओर बढ़ने नहीं दिया।
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आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा के जरिए उठाई आवाज
नागवंशी, जो पहले NSUI से जुड़े रहे हैं, ने इस अभियान को आंगनवाड़ी न्याय पदयात्रा नाम दिया है। उनका कहना है कि गांव-गांव में सेवाएं देने वाली आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को आज तक न सम्मानजनक वेतन मिला और न ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा।

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परिवार से जुड़ा दर्द बना आंदोलन की वजह
उन्होंने बताया कि उनके परिवार में ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, जिनकी मुश्किलों को करीब से देखने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। उनका कहना है कि यह लड़ाई लाखों महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी है। तपती धूप में भी जारी संघर्ष तेज गर्मी के बावजूद नागवंशी लगातार पैदल चलते रहे। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सरकार मांगों पर निर्णय नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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क्या हैं प्रमुख मांगें?
- आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा
- नियमित वेतनमान लागू किया जाए
- पेंशन, बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएं
- काम के अनुरूप सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित हो
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