डबल मर्डर मिस्ट्रीः दूसरी शादी, करोड़ों की संपत्ति और बारिश में चली गोलियां, अब किराए के शूटरों के एंगल पर जांच
भोपाल के ऐशबाग में सेवानिवृत्त दंपती हेमंत और शकुंतला बारीक हत्याकांड की जांच संपत्ति विवाद, पारिवारिक रिश्तों और करीबी लोगों पर केंद्रित है। पुलिस को पेशेवर शूटरों और सुनियोजित साजिश की आशंका है। सात टीमें डिजिटल, फोरेंसिक और कॉल डिटेल के आधार पर जांच कर रही हैं।
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विस्तार
जांच में सामने आया है कि हेमंत और शकुंतला दोनों की यह दूसरी शादी थी। दोनों अपने-अपने पहले जीवनसाथियों से अलग हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। हेमंत अपने भाई के बेटे को संपत्ति का उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे, जबकि शकुंतला अपने भाई के बेटे वैभव को संपत्ति देना चाहती थीं। हालांकि वर्ष 2020 में वैभव की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। इसके बाद भी दोनों इस बात पर सहमत नहीं हो पाए कि आखिर संपत्ति किसे सौंपी जाए। परिजनों के अनुसार दंपती अक्सर कहते थे कि जो हमारी सेवा करेगा, वही हमारी संपत्ति का हकदार होगा। पुलिस अब इस पहलू को हत्या के संभावित मकसद के रूप में भी खंगाल रही है।
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क्या बारिश बनी हत्यारों की ढाल
तकनीकी और फोरेंसिक जांच से संकेत मिले हैं कि बुधवार रात करीब सात से साढ़े सात बजे के बीच, तेज बारिश के दौरान दोनों की गोली मारकर हत्या की गई। उस समय टीन की छत पर बारिश इतनी तेज हो रही थी कि फायरिंग की आवाज आसपास के लोगों तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस का मानना है कि समय का चुनाव बेहद सोच-समझकर किया गया था ताकि वारदात के दौरान किसी को शक न हो।
पीछे के दरवाजे से दाखिल हुए हमलावर
घटनास्थल के निरीक्षण में पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिससे माना जा रहा है कि बदमाश घर के पिछले दरवाजे से अंदर घुसे थे। इससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि हमलावरों को घर की बनावट और आने-जाने के रास्तों की पहले से जानकारी थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी करीबी व्यक्ति ने वारदात की योजना बनाने में मदद तो नहीं की।
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किराए के शूटरों का एंगल भी जांच में
एफएसएल की जांच में सामने आया है कि दोनों को बेहद नजदीक से गोली मारी गई। इससे पुलिस को संदेह है कि वारदात पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई हो सकती है। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि हत्या के लिए किराये के शूटरों का इस्तेमाल किया गया हो। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है। पुलिस ने संपत्ति के संभावित उत्तराधिकारियों, करीबी रिश्तेदारों, किरायेदारों, नियमित आने-जाने वालों और दंपती के आर्थिक लेन-देन से जुड़े लोगों सहित लगभग 20 संदिग्धों की सूची तैयार की है। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। घर की तलाशी में करीब 10 पुराने मोबाइल फोन, निजी रजिस्टर और अन्य दस्तावेज मिले हैं। रजिस्टर में दर्ज रुपये के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस दोनों के बैंक खातों, संपत्ति की बिक्री से मिली राशि और वर्तमान वित्तीय स्थिति की भी पड़ताल कर रही है।
किरायेदार के बयान पर भी सवाल
जांच के दौरान एक किरायेदार ने दावा किया कि मंगलवार रात दंपती के बीच विवाद हुआ था और उसने गोली जैसी आवाज सुनी थी। उसने यह भी कहा कि अगले दिन उसे केवल हेमंत दिखाई दिए थे। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि बुधवार को शकुंतला ने सामने रहने वाली महिला पड़ोसी से बातचीत भी की थी। इस विरोधाभास के बाद किरायेदार का बयान भी संदेह के घेरे में आ गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस इन सवालों का जवाब तलाश रही
- यदि हत्या केवल लूट के लिए हुई थी तो नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज क्यों नहीं ले जाए गए?
- दंपती के दोनों मोबाइल फोन ही क्यों गायब किए गए?
- क्या किसी करीबी ने संपत्ति के विवाद में हत्या की साजिश रची?
- क्या पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल किया गया?
- बारिश के समय ही वारदात को अंजाम देने की योजना किसने बनाई?
इनका कहना है
जांच अब डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल और संदिग्धों के बयानों के मिलान पर केंद्रित है। मामले की जांच के लिए गठित सात टीमें लगातार अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा।
संजय कुमार, पुलिस आयुक्त, भोपाल
