फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Ayodhya Bypass Project to Proceed with NGT Approval: Environmental Conditions Mandatory; Ban on Tree Felling R

NGT की मंजूरी के साथ आगे बढ़ेगा अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट: पर्यावरणीय शर्तें अनिवार्य, पेड़ कटाई पर रोक बरकरार

Thu, 21 May 2026 09:25 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 21 May 2026 09:25 PM IST
सार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। परियोजना के तहत 7871 पेड़ काटे जाने हैं, जिसका पर्यावरणविदों ने विरोध किया था। अधिकरण ने 15 साल तक पौधारोपण की निगरानी, प्रतिपूरक वृक्षारोपण और पर्यावरणीय शर्तों के पालन के आदेश दिए हैं। पेड़ कटाई पर लगी रोक जारी रहेगी।

विज्ञापन
Ayodhya Bypass Project to Proceed with NGT Approval: Environmental Conditions Mandatory; Ban on Tree Felling R
अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने की बहुचर्चित परियोजना को राष्ट्रीय हरित अधिकरण की नई दिल्ली पीठ से मंजूरी मिल गई है। हालांकि अधिकरण ने साफ किया है कि सड़क निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
विज्ञापन

यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरणविदों ने आवाज उठाई थी। भोपाल के पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने अधिकरण में याचिका दायर कर दावा किया था कि परियोजना से शहर की हरियाली खत्म होगी, तापमान बढ़ेगा और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
विज्ञापन


विकास भी जरूरी, हरियाली भी
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कहा कि भोपाल में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, जाम और दुर्घटनाओं की समस्या को देखते हुए यह परियोजना जरूरी है। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि पेड़ों की कटाई की अनुमति संबंधित विभागों से ली गई है और उसके बदले बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।अधिकरण ने दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद माना कि अनुमति प्रक्रिया में कोई अवैधता नहीं है। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों और प्रतिपूरक उपायों की अनदेखी नहीं हो सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन


15 साल तक होगी पौधों की निगरानी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि प्रतिपूरक पौधारोपण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी निगरानी भी हो। इसके लिए वन विभाग, नगर निगम, उद्यानिकी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त समिति बनाई जाएगी, जो 15 साल तक पौधों की देखरेख और जीवित रहने की स्थिति पर नजर रखेगी। अधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से यह भी कहा है कि पिछले वर्षों में पौधारोपण और प्रतिपूरक वनीकरण मद में खर्च की गई राशि का पूरा ब्यौरा पेश किया जाए।

यह भी पढ़ें-राजधानी से पकड़ा गया फर्जी MBBS डिग्री रैकेट का मास्टरमाइंड, 50 से ज्यादा नकली डॉक्टरों का खुलासा




7871 पेड़ों की कटाई पर उठा था विवाद
अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहे से रत्नागिरि तिराहे तक करीब 16 किलोमीटर लंबे हिस्से में 10 लेन बनाया जाना है। इस परियोजना की लागत लगभग 836 करोड़ रुपए है। परियोजना के लिए 7871 पेड़ काटे जाने हैं, जिनमें कई पेड़ों की उम्र 40 से 80 साल तक बताई गई है। पिछले साल दिसंबर में तीन दिन के भीतर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के बाद शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों और कांग्रेस नेताओं ने इसे भोपाल की हरियाली पर हमला बताया था।

यह भी पढ़ें-समय रहते सुन लेते माता-पिता तो बच जाती जान, निष्पक्ष जांच की मांग


एलिवेटेड सड़क बेहतर विकल्प था
पर्यावरणविदों का कहना था कि पेड़ों को बचाने के लिए एलिवेटेड सड़क या कम चौड़ाई वाला विकल्प अपनाया जा सकता था। उनका तर्क था कि दशकों पुराने पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा है कि कटने वाले पेड़ों के बदले 81 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इनमें से 10 हजार पौधे बायपास के किनारे लगाए जाएंगे, जबकि 61 हजार से ज्यादा पौधों का रोपण झिरनिया और जागरियापुर क्षेत्र में किया जाएगा। याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना के मुताबिक, पेड़ों की कटाई पर पहले लगाया गया अंतरिम स्थगन फिलहाल जारी रहेगा। ऐसे में हजारों पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक बनी रहेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण की मांग उठा रहे लोगों को फिलहाल राहत मिली है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed