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भोपाल धर्मांतरण मामला: अमरीन के घर से चलता था पूरा नेटवर्क, ब्लैकमेल और दबाव की साजिश भी उजागर; नया खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 26 Feb 2026 10:05 AM IST
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सार

Bhopal Crime: भोपाल में अमरीन के घर से अनैतिक रैकेट संचालित होने का खुलासा हुआ है। युवतियों को झांसा देकर शोषण और ब्लैकमेल के आरोप भी लगे हैं। कई युवकों से भी वसूली की बात भी सामने आई है। पढ़ें नए खुलासे की पूरी खबर

Bhopal Conversion Case: Network Operated from Amreen’s House, Blackmail and Coercion Plot Exposed
भोपाल धर्मांतरण केस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी भोपाल में दो सगी बहनें अमरीन और आफरीन घर से अनैतिक गतिविधियों का संगठित गिरोह संचालित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस जांच और जिला अदालत में दर्ज पीड़िताओं के बयानों के आधार पर सामने आया है कि आरोपित बहनें युवतियों को नौकरी, आर्थिक सहायता या पारिवारिक सहयोग का झांसा देकर अपने संपर्क में लाती थीं। बताया गया है कि वे कभी स्वयं को ननद-भाभी, कभी सहेली, तो कभी सहकर्मी बताकर युवतियों का विश्वास जीतती थीं। जो युवतियां उनके संपर्क में आकर उनके ठिकाने पर रहने लगती थीं, उन्हें कथित रूप से मुस्लिम युवकों से मिलवाया जाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

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पीड़िताओं के अनुसार, यदि कोई युवती विरोध करती थी तो उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। शुरुआती घटनाएं नर्मदापुरम रोड स्थित सागर रॉयल विला के एक डुप्लेक्स से जुड़ी बताई गई हैं, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन होने का आरोप है। आरोप है कि इसी स्थान पर युवतियों का पहला शोषण कराया जाता था और बाद में उन्हें कथित रूप से हाईप्रोफाइल पार्टियों में भेजा जाता था।

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धार्मिक दबाव के भी आरोप
अदालत में दर्ज बयानों में कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था। साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्हें बेहतर जीवन और सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाता था। पीड़िताओं ने यह भी कहा कि उन्हें केवल धार्मिक आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण के उद्देश्य से भी दबाव में रखा जाता था। आरोप है कि देह व्यापार में धकेले जाने के बाद उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आरोपित बहनें अपने पास रख लेती थीं।

युवकों को भी बनाया निशाना
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कई युवकों को भी ब्लैकमेल किया गया। पीड़िताओं के अनुसार, जिन युवकों ने मोटी रकम देने से इनकार किया, उनके खिलाफ अन्य शहरों में दुष्कर्म या अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराए गए। इनमें अहमदाबाद सहित अन्य शहरों के नाम सामने आए हैं। बाद में समझौते के नाम पर पैसे लेकर मामले शांत किए जाते थे। बताया गया है कि ब्लैकमेल किए गए अधिकांश युवक उसी नेटवर्क के ग्राहक थे, जो बदनामी के डर से चुप्पी साधे रहे। पुलिस ऐसे मामलों की जानकारी एकत्र कर रही है और दर्ज एफआईआर की कड़ियां खंगाल रही है।


कोर्ट में बयानों से खुला नेटवर्क
जिला अदालत में दर्ज बयानों में पीड़िताओं ने कहा है कि वे अकेली नहीं हैं। इस गिरोह के जाल में कई कॉलेज छात्राएं, शादीशुदा महिलाएं और वे महिलाएं भी फंसीं, जो पति की मृत्यु या अलगाव के बाद नौकरी की तलाश में थीं। गिरोह पहले ग्राहकों से सौदा तय करता था, फिर तय समय पर युवतियों को अपने घर बुलाया जाता था। वाट्सएप के जरिए कथित ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। पुलिस ने मोबाइल से कई तस्वीरें जब्त की हैं, हालांकि अभी अन्य संभावित पीड़िताओं ने औपचारिक बयान दर्ज नहीं कराए हैं।

पढे़ं; दिन-रात लगा रहता था कॉलोनी में युवकों का तांता, अंदर चल रहा था बड़ा नेटवर्क; खुलासा

पुलिस कार्रवाई और रिमांड
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित अमरीन और एक अन्य आरोपी चंदन को अतिरिक्त रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि सागर रॉयल विला स्थित डुप्लेक्स चार वर्ष पूर्व किराये पर लिया गया था। मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हो गया है। डीएसबी और इंटेलिजेंस शाखा के अधिकारियों ने थाने पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली। एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम अन्य राज्य में डेरा डाले हुए है, जबकि सह-आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी
मामले की गंभीरता और संभावित पीड़ितों की संख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा पूरे प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में पुलिस टीम आरोपित को लेकर सागर रॉयल विला स्थित ठिकाने पर पहुंची और तलाशी ली, जहां से बुर्का और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

धमकी और प्रभाव का आरोप
पीड़िताओं ने पुलिस को दिए बयान में यह भी कहा है कि विरोध करने पर आरोपित महिलाएं राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का हवाला देकर डराती थीं। वे कथित रूप से कहती थीं कि वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगी या उल्टा ब्लैकमेल का मामला दर्ज करा देंगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, दर्ज प्रकरणों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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