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Bhopal: टाइगर मूवमेंट एरिया की पहाड़ी पर चली जेसीबी, पेड़ों की कटाई और खुदाई पर हंगामा, अवैध प्लाटिंग के आरोप
Wed, 08 Jul 2026 06:45 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 08 Jul 2026 06:45 PM IST
सार
भोपाल के टाइगर मूवमेंट एरिया में स्थित एक पहाड़ी पर जेसीबी और पोकलेन से खुदाई व पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध उत्खनन कर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है।
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पहाड़ी पर भारी मशीनों से खुदाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के टाइगर मूवमेंट एरिया में आने वाली एक पहाड़ी पर भारी मशीनों से खुदाई और पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जेसीबी और पोकलेन मशीनों से पहाड़ी को समतल किए जाने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई है। बताया गया कि यह भूमि अकबरपुर गांव के सर्वे नंबर-3 में स्थित सरकारी जमीन है। खुदाई के दौरान कई पेड़ उखड़ गए, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
अवैध प्लाटिंग की तैयारी का आरोप
बाघ विशेषज्ञ एवं पर्यावरणविद् राशिद नूर का आरोप है कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई, उत्खनन और पहाड़ी की ढलान समतल कर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एनजीटी ने अपने आदेश में सरकारी और निजी भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे, ताकि अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
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खसरों में गड़बड़ी की भी आशंका
पर्यावरणविदों ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने भूमि अभिलेखों में भी छेड़छाड़ की है। जिला प्रशासन से पटवारी और राजस्व निरीक्षक के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। बताया गया कि दानिश सेक्टर-3 और सेक्टर-5 में अवैध कब्जे से जुड़े मामले पहले से तहसील न्यायालय में विचाराधीन हैं। वहीं मास्टर प्लान के अनुसार आठ डिग्री से अधिक ढाल वाली पहाड़ियों पर निर्माण की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद क्षेत्र में प्लाटिंग किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर खुदाई रोकने और टाइगर मूवमेंट एरिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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अवैध प्लाटिंग की तैयारी का आरोप
बाघ विशेषज्ञ एवं पर्यावरणविद् राशिद नूर का आरोप है कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई, उत्खनन और पहाड़ी की ढलान समतल कर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एनजीटी ने अपने आदेश में सरकारी और निजी भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे, ताकि अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
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खसरों में गड़बड़ी की भी आशंका
पर्यावरणविदों ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने भूमि अभिलेखों में भी छेड़छाड़ की है। जिला प्रशासन से पटवारी और राजस्व निरीक्षक के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। बताया गया कि दानिश सेक्टर-3 और सेक्टर-5 में अवैध कब्जे से जुड़े मामले पहले से तहसील न्यायालय में विचाराधीन हैं। वहीं मास्टर प्लान के अनुसार आठ डिग्री से अधिक ढाल वाली पहाड़ियों पर निर्माण की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद क्षेत्र में प्लाटिंग किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर खुदाई रोकने और टाइगर मूवमेंट एरिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
