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Bhopal News: कृषक कल्याण वर्ष पर कांग्रेस का हमला, किसानों को नहीं मिल रहा दाम, कृषि विभाग में 60% पद खाली

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 06 Mar 2026 04:38 PM IST
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सार

भोपाल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कृषक कल्याण वर्ष को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और कृषि विभाग में करीब 60% पद खाली होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

Bhopal News: Congress attacks the Farmer Welfare Year, farmers are not getting the right price, 60% posts are
पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भोपाल। प्रदेश में घोषित “कृषक कल्याण वर्ष” को लेकर कांग्रेस ने सरकार की मंशा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एक तरफ सरकार किसानों के हित में बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कृषि तंत्र कमजोर होता जा रहा है और किसानों को फसलों का उचित मूल्य तक नहीं मिल रहा। 
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मुख्यमंत्री पहलवान, पर अफसरों के सामने बेबस
पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे अपने शुरुआती जीवन में पहलवानी करते थे और उज्जैन में पहलवान के रूप में जाने जाते थे, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि प्रशासनिक फैसलों में अफसरों के दांव के आगे सरकार कमजोर नजर आती है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
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सीएम के क्षेत्र की मंडी में ही कम दाम
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान किसानों से गेहूं 2700 रुपए, धान 3100 रुपए और सोयाबीन 6000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने की बात कही थी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। उन्होंने कहा कि उज्जैन मंडी में गेहूं करीब 1800 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जो मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र की स्थिति है। पटवारी के अनुसार कांग्रेस ने इसका वीडियो भी सार्वजनिक किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में किसानों को वाजिब कीमत नहीं मिल रही।

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20 साल नहीं, एक साल का हिसाब दें
पटवारी ने कहा कि सरकार को पिछले दो दशकों की उपलब्धियों का हवाला देने के बजाय सिर्फ अपने एक साल के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उनका कहना था कि यदि सरकार सच में किसानों के हित में काम कर रही है तो वह बीते एक साल में किए गए कार्यों का पूरा विवरण सार्वजनिक करे।


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कृषि तंत्र में भारी स्टाफ की कमी
पटवारी ने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से 8,468 पद खाली हैं, यानी लगभग 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसके अलावा मत्स्य पालन विभाग में 1,290 में से 722, उद्यानिकी विभाग में 3,079 में से 1,459 और पशुपालन व डेयरी विभाग में भी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। पटवारी ने कहा कि जब कृषि व्यवस्था से जुड़े विभागों में ही पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं, तो किसानों के कल्याण के दावे वास्तविकता से दूर लगते हैं। कांग्रेस ने सरकार से कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के रिक्त पद जल्द भरने और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक कृषि व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक “कृषक कल्याण वर्ष” जैसे घोषणाओं का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा।

 
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