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Bhopal News: भोपाल में अवैध व्यावसायिक निर्माण पर बढ़ा विवाद, कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
Wed, 29 Jul 2026 07:32 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 29 Jul 2026 07:32 PM IST
सार
रहवासी संगठनों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
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कॉलोनियों के रहवासी संगठनों की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल की आवासीय कॉलोनियों में कथित अवैध व्यावसायिक निर्माण और गतिविधियों को लेकर विवाद तेज हो गया है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों के साथ अब शहर की अन्य कॉलोनियों के रहवासी संगठन भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ गए हैं। रहवासी संगठनों ने आरोप लगाया है कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यदि स्थिति नहीं बदली तो सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। अरेरा कॉलोनी में आयोजित बैठक में गौतम नगर, रचना नगर, शाहपुरा, त्रिलंगा और गुलमोहर कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में आवासीय क्षेत्रों में बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों पर चिंता जताते हुए इसे पूरे शहर की नियोजित आवासीय व्यवस्था के लिए चुनौती बताया गया।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने आरोप लगाया कि अनेक शिकायतों, जनसुनवाई और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि इससे नियमों का उल्लंघन करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। रहवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने आवासीय भूमि पर हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों में ऐसे आदेशों के बाद कार्रवाई हुई, लेकिन भोपाल में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। लावनिश भाटी ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से केवल नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने इसे आगामी न्यायालयीन सुनवाई से पहले की औपचारिकता बताया।
अवमानना याचिका की तैयारी
अरेरा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स संघ के नीरज गुलाटी ने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कानूनी तैयारी पूरी की जा रही है और सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी है। शाहपुरा आवासीय संघ की अध्यक्ष शुभ्रा श्रीवास्तव ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं तो यह न्यायालय की अवमानना का विषय बन सकता है।रचना नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष मयंक नागर ने भी कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
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यह भी पढें-भोपाल में देसी घी के नाम पर बड़ा खेल, 10 क्विंटल घी जब्त, बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार
आंदोलन को मिलेगा व्यापक स्वरूप
रहवासी संगठनों का कहना है कि उनका अभियान किसी व्यक्ति या व्यापारी के खिलाफ नहीं, बल्कि आवासीय कॉलोनियों में नियमों के पालन और नियोजित विकास को बनाए रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा।
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नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने आरोप लगाया कि अनेक शिकायतों, जनसुनवाई और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि इससे नियमों का उल्लंघन करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। रहवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने आवासीय भूमि पर हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों में ऐसे आदेशों के बाद कार्रवाई हुई, लेकिन भोपाल में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। लावनिश भाटी ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से केवल नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने इसे आगामी न्यायालयीन सुनवाई से पहले की औपचारिकता बताया।
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अवमानना याचिका की तैयारी
अरेरा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स संघ के नीरज गुलाटी ने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर कानूनी तैयारी पूरी की जा रही है और सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी है। शाहपुरा आवासीय संघ की अध्यक्ष शुभ्रा श्रीवास्तव ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं तो यह न्यायालय की अवमानना का विषय बन सकता है।रचना नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष मयंक नागर ने भी कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
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आंदोलन को मिलेगा व्यापक स्वरूप
रहवासी संगठनों का कहना है कि उनका अभियान किसी व्यक्ति या व्यापारी के खिलाफ नहीं, बल्कि आवासीय कॉलोनियों में नियमों के पालन और नियोजित विकास को बनाए रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा।
