UP: 'भदोही फिर से कहा जाएगा संत रविदास नगर', सीएम ने काशी से किया एलान; समरसता संकल्प अभियान शुरू
Varanasi News: संत रविदास के 650वीं जयंती वर्ष पर सीर गोवर्धन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। सीएम योगी मंच पर संत रविदास के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन किया। सीएम ने कहा कि भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा। वहीं, बिहार उपचुनाव के कारण भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा रद्द हो गया।
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CM Yogi in Varanasi: संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर बुधवार को आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। सीएम ने 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ किया। वहीं, पहले प्रस्तावित भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा अब बिहार उपचुनाव की व्यस्तताओं के चलते निरस्त कर दिया गया है। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और प्रशासन के साथ भाजपा संगठन ने भी सभी व्यवस्थाएं अंतिम रूप दे दिया था।
सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास जन्मस्थली मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पहुंचे। उन्होंने संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित कर दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और संत रविदास के सामाजिक समरसता व समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत गुरु रविदास ने समरसता, समानता और मानवता का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचार सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि समाज में सद्भाव और एकता और मजबूत हो सके।
भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर
संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने संत रविदास के विचारों को सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए उनके संदेश को देशभर में पहुंचाने का संकल्प दोहराया। नेताओं ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव मिटाने की प्रेरणा देती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत गुरु रविदास की तपोभूमि और कर्मभूमि से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देते हुए भदोही जनपद का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास के आदर्श सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के मार्गदर्शक हैं। प्रदेश सरकार उनकी विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अखिलेश यादव पर किया तंज
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत गुरु रविदास ऐसे दौर में प्रकट हुए थे, जब भारतीय समाज सामाजिक विषमताओं, भेदभाव और अनेक कुरीतियों से जूझ रहा था। उन्होंने अपने आदर्श जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास का स्पष्ट संदेश था कि व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, गुण और चरित्र से होती है।
लाल सिंह आर्य ने संत रविदास की प्रसिद्ध वाणी "एकै माटी के सभ भांडे" का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समस्त मानवता की एकता और समानता का प्रतीक है। यह संदेश समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने और मानवता को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में, "रविदास जी सबके हैं और हम सब रविदास जी के हैं।" उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता और सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया, जबकि कुछ राजनीतिक दल केवल जाति आधारित राजनीति करते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा संतों के आदर्शों और संस्कारों से प्रेरित होकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है।
पंकज चौधरी ने कहा कि संत रविदास को जो सम्मान आज मिल रहा है, वह स्वतंत्रता के बाद ही मिल जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संत रविदास के जीवन, विचारों और समाज सुधार के कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ संतों और महापुरुषों की विरासत के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि संत गुरु रविदास की जन्मस्थली की पावन मिट्टी का विधिवत पूजन कर उसे 131 कलशों में संग्रहित किया गया है। यह पवित्र मिट्टी देशभर के 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि संत रविदास के विचारों और संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
उन्होंने कहा कि संत रविदास की सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण की विचारधारा आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को उनके आदर्शों से जोड़ना और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। तरुण चुग ने संत रविदास को भक्ति आंदोलन का महान संत बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक भक्ति, समानता और मानवता का संदेश पहुंचाया। उन्होंने कहा कि संत रविदास की "बेगमपुरा" की कल्पना ऐसे समाज की थी, जहां दुख, भेदभाव और असमानता का कोई स्थान न हो तथा प्रत्येक व्यक्ति सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जी सके।
कार्यक्रम में संत रविदास मंदिर के प्रमुख हरजिंदर सिंह, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री अनिल राजभर, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, रजनी तिवारी, असीम अरुण, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, टी. राम, एमएलसी अश्विनी त्यागी, धर्मेंद्र राय, पूर्व विधायक जगदीश पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरत्न राठी, सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर तथा बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।