{"_id":"6a66087f0dc4fbb278075d6a","slug":"cm-mohan-yadav-takes-a-tough-stance-on-the-omkareshwar-incident-strict-action-will-be-taken-against-those-res-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओंकारेश्वर हादसे पर CM मोहन यादव सख्त, लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई; दोषी मिले तो बर्खास्तगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओंकारेश्वर हादसे पर CM मोहन यादव सख्त, लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई; दोषी मिले तो बर्खास्तगी
Sun, 26 Jul 2026 06:45 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 26 Jul 2026 06:45 PM IST
सार
ओंकारेश्वर में सेप्टिक टैंक में गिरने से तीन साल के बच्चे की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने घटना की विभागीय जांच के साथ लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने और दोषी पाए जाने पर बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में सेप्टिक टैंक में गिरने से तीन साल के बच्चे की मौत के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की तत्काल विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खंडवा कलेक्टर को लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करने को कहा है। जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण नोडल अधिकारी और उपयंत्री सुरेश चंद्र पाटीदार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
ये भी पढ़ें- Bhopal E-Bus: भोपाल में कल से शुरू होगा ई-बसों का ट्रायल, 15 अगस्त तक यात्रियों को मुफ्त सफर
घाटों और खतरनाक जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और नगर परिषद को ओंकारेश्वर के घाटों पर गंदगी और सीवेज की समस्या रोकने के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घाटों और अन्य खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस या होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सीवर चैंबर का सर्वे कराने और जहां भी ढक्कन टूटे या क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें तत्काल बदलने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जरूरी मरम्मत कार्य भी जल्द पूरा कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: ‘मन की बात’ में छाया MP का जल संरक्षण मॉडल, PM मोदी ने सीधी-नरसिंहपुर को सराहा
अतिक्रमण हटाने के बाद खुला रह गया था सेप्टिक टैंक
बता दें जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र स्थित धर्मशाला परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के बाद मलबा मौके पर ही रखा गया था, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। आरोप है कि बाद में अज्ञात लोगों ने मलबे से लोहा, सरिया और अन्य कबाड़ निकाल लिया। इसी दौरान सेप्टिक टैंक का ढक्कन क्षतिग्रस्त हो गया और वह खुला रह गया। इसी स्थिति में तीन साल का बच्चा सेप्टिक टैंक में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अब प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal E-Bus: भोपाल में कल से शुरू होगा ई-बसों का ट्रायल, 15 अगस्त तक यात्रियों को मुफ्त सफर
विज्ञापन
घाटों और खतरनाक जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और नगर परिषद को ओंकारेश्वर के घाटों पर गंदगी और सीवेज की समस्या रोकने के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घाटों और अन्य खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस या होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सीवर चैंबर का सर्वे कराने और जहां भी ढक्कन टूटे या क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें तत्काल बदलने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जरूरी मरम्मत कार्य भी जल्द पूरा कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: ‘मन की बात’ में छाया MP का जल संरक्षण मॉडल, PM मोदी ने सीधी-नरसिंहपुर को सराहा
अतिक्रमण हटाने के बाद खुला रह गया था सेप्टिक टैंक
बता दें जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र स्थित धर्मशाला परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के बाद मलबा मौके पर ही रखा गया था, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। आरोप है कि बाद में अज्ञात लोगों ने मलबे से लोहा, सरिया और अन्य कबाड़ निकाल लिया। इसी दौरान सेप्टिक टैंक का ढक्कन क्षतिग्रस्त हो गया और वह खुला रह गया। इसी स्थिति में तीन साल का बच्चा सेप्टिक टैंक में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अब प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
