MP: मध्य विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक का ‘शीर्षासन सत्याग्रह’, 15 FIR हटाने की मांग पर अनोखा विरोध
भोपाल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर अनोखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की। जानें इस बीच सियासी माहौल कैसे गरमा गया?
विस्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन करते नजर आए। विधानसभा परिसर के बाहर उल्टे खड़े होकर उन्होंने विरोध दर्ज कराया और इसे गांधीवादी तपस्या बताया।
विधायक का आरोप है कि पिछले एक महीने में उनके खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि अब तक कुल 15 मामले कायम किए जा चुके हैं। उनका कहना है कि वे जनता और गौ माता के मुद्दों को उठाते हैं, लेकिन बदले में उन पर केस दर्ज कर दिए जाते हैं।
जंडेल ने बताया कि शिवपुरी में गौ संरक्षण को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा शिव बारात के दौरान भी उन पर एफआईआर की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के सवाल उठाने पर उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
विधानसभा सत्र के दसवें दिन यह अनोखा प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन करते हुए विधायक ने कहा, “मैं गांधीवादी हूं, इसलिए अन्याय के खिलाफ सत्याग्रह कर रहा हूं। जब तक मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जातीं, मेरा विरोध जारी रहेगा।” इस प्रदर्शन के बाद विधानसभा परिसर में राजनीतिक तापमान और बढ़ गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे नाटक करार दिया है।
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कांग्रेस का वॉकआउट
इससे पहले इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में आवाज उठाई। उनकी बात नहीं सुने जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, “क्या कांग्रेस विधायकों को जनता की आवाज उठाने का अधिकार नहीं है? जब हम विधानसभा में मुद्दे उठाते हैं तो हमें नहीं सुना जाता, इसलिए हमने वॉकआउट किया।” अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस अनोखे ‘शीर्षासन विरोध’ पर क्या रुख अपनाती है।

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