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MP: कूनो के 32 चीतों ने एक साल में खाया सवा करोड़ रुपये का मटन, बोत्सवाना से शनिवार को लाए जाएंगे आठ और चीते
Fri, 27 Feb 2026 09:26 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 27 Feb 2026 09:26 AM IST
सार
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके भोजन पर भारी खर्च हो रहा है। एक साल में 32 चीतों ने 1.27 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकरा मीट खा लिया है, वहीं बोत्सवाना से आठ नए चीते शनिवार को कूनो पहुंचेगे।
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चीता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के कूनाे में नामीबिया से लाए चीतों पर सरकार खूब खर्च कर रही है। विधानसभा में दी गई जानकारी में पता चला है कि कूनो में रह रहे 32 चीते एक साल में 1.27 करोड़ से ज्यादा कीमत के बकरे खा चुके हैं।
कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित में यह जानकारी दी। दरअसल मुकेश मल्होत्रा ने सवाल पूछा था कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को भोजन के लिए एक साल में कितनी राशि खर्च की गई। इसके अलावा एक दिन में कितने बकरे खिलाए खा जा रहे हैं। विधायक ने पूछा कि कूनो नेशनल पार्क में अभयारण्य में चीतों की संख्या कितनी है? ये भी पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय उद्यान कूनो में 17 दिसंबर 2022 से एक वर्ष में बकरा क्रय करने के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये प्रति वर्ष दिए जा रहे हैं?
ये भी पढ़ें- MP Assembly Session: सिंगरौली कोल ब्लॉक पर विधानसभा में बवाल, JPC जांच की मांग, कांग्रेस का सदन से वॉकआउट
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अलग से राशि नहीं दी गई
इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के भोजन के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया गया, लेकिन इनकी चिकित्सीय देखभाल के साथ उनके प्रबंधन में जो अलग-अलग योजनाओं में राशि दी जाती है। वही, बकरा मीट खरीदने में खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बकरा मीट खरीदने के लिए 1 करोड़ 27 लाख 10 हजार 870 रुपए की राशि खर्च की गई। वहीं, एक दिन में कितने बकरे खिलाए जाते है इसके जवाब में लिखा कि इसका कोई मानक निर्धारित नहीं है। आवश्यकता अनुसार मांस खिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में कुल 32 चीते मौजूद हैं।
ये भी पढ़ें- भोपाल धर्मांतरण मामला: अमरीन के घर से चलता था पूरा नेटवर्क, ब्लैकमेल और दबाव की साजिश भी उजागर; नया खुलासा
वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी, राजस्थान, मुरैना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे चीतों को लेकर पूछा कि चीते ग्रामीणों की बकरी-मवेशी का शिकार कर रहे हैं? पिछले वर्ष दिसंबर में हाइवे पर एक्सीडेंट में हुई चीते की मौत को लेकर पूछा कि क्या अभ्यारण के अंदर चीतों को भोजन नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण एक चीते की घाटीगांव हाइर्व रोड पर दिसंबर 2025 में एक्सीडेंट में मौत हो गई? इसके जवाब में बताया कि कूनो नेशनल पार्क में 32 चीते मौजूद हैं। कूनो पार्क के खुले जंगल में विचरण कर रहे चीते कभी कभी वनमंडल की सीमा से बाहर चले जाते हैं और ग्रामीणों की बकरी-मवेशी का शिकार कर लेते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना के कारण एक चीते की मौत हुई है।
ये भी पढ़ें- MP News: भारत के दिल से जुड़िए, मध्य प्रदेश के साथ आगे बढ़िए, भीलवाड़ा में बोले सीएम डॉ. मोहन यादव
एक माह क्वारंटीन रहेंगे बोत्सवाना के चीते
बता दें, अफ्रीकी देश बोत्सवाना से आठ चीते शनिवार को कूनो नेशनल पार्क लाए जाएंगे। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री मोहन यादव कूनो में मौजूद रह सकते हैं। विशेष विमान से लाए जा रहे इन चीतों को पहले ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतारा जाएगा, जहां से उन्हें विशेष रूप से डिजाइन किए वाहनों से सड़क मार्ग द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा। कूनो में बोत्सवाना से आने वाले आठ चीतों के लिए विशेष क्वारंटीन बाड़े तैयार किए गए हैं। सभी चीते कम से कम एक महीने तक क्वारंटीन एनक्लोजर में रहेंगे, ताकि उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण के अनुकूलता की निगरानी की जा सके। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद चीतों को गांधी सागर वाइल्ड सेंचुरी और नौरादेही वाइल्ड सेंचुरी में शिफ्ट किए जाने की संभावना है। अभी गांधी सागर अभयारण्य में वर्तमान में तीन चीते हैं। इसमें दो नर और एक मादा है।
देश में अब कुल 39 चीते
बता दें, मध्य प्रदेश में 2022 में आठ चीते नामीबिया और वर्ष 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए। अब प्रदेश में चीतों की आबादी बढ़कर 39 हो गई है। इनमें से 32 कूनो में और तीन गांधी सागर अभयारण्य में हैं। इनके अलावा चीता गामिनी ने शुक्रवार को चार शावकों को जन्म दिया। इन्हें भी मिलाकर कुल संख्या अब 39 हो गई है।
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कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित में यह जानकारी दी। दरअसल मुकेश मल्होत्रा ने सवाल पूछा था कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को भोजन के लिए एक साल में कितनी राशि खर्च की गई। इसके अलावा एक दिन में कितने बकरे खिलाए खा जा रहे हैं। विधायक ने पूछा कि कूनो नेशनल पार्क में अभयारण्य में चीतों की संख्या कितनी है? ये भी पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय उद्यान कूनो में 17 दिसंबर 2022 से एक वर्ष में बकरा क्रय करने के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये प्रति वर्ष दिए जा रहे हैं?
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अलग से राशि नहीं दी गई
इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के भोजन के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया गया, लेकिन इनकी चिकित्सीय देखभाल के साथ उनके प्रबंधन में जो अलग-अलग योजनाओं में राशि दी जाती है। वही, बकरा मीट खरीदने में खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बकरा मीट खरीदने के लिए 1 करोड़ 27 लाख 10 हजार 870 रुपए की राशि खर्च की गई। वहीं, एक दिन में कितने बकरे खिलाए जाते है इसके जवाब में लिखा कि इसका कोई मानक निर्धारित नहीं है। आवश्यकता अनुसार मांस खिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में कुल 32 चीते मौजूद हैं।
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वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी, राजस्थान, मुरैना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे चीतों को लेकर पूछा कि चीते ग्रामीणों की बकरी-मवेशी का शिकार कर रहे हैं? पिछले वर्ष दिसंबर में हाइवे पर एक्सीडेंट में हुई चीते की मौत को लेकर पूछा कि क्या अभ्यारण के अंदर चीतों को भोजन नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण एक चीते की घाटीगांव हाइर्व रोड पर दिसंबर 2025 में एक्सीडेंट में मौत हो गई? इसके जवाब में बताया कि कूनो नेशनल पार्क में 32 चीते मौजूद हैं। कूनो पार्क के खुले जंगल में विचरण कर रहे चीते कभी कभी वनमंडल की सीमा से बाहर चले जाते हैं और ग्रामीणों की बकरी-मवेशी का शिकार कर लेते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना के कारण एक चीते की मौत हुई है।
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एक माह क्वारंटीन रहेंगे बोत्सवाना के चीते
बता दें, अफ्रीकी देश बोत्सवाना से आठ चीते शनिवार को कूनो नेशनल पार्क लाए जाएंगे। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री मोहन यादव कूनो में मौजूद रह सकते हैं। विशेष विमान से लाए जा रहे इन चीतों को पहले ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतारा जाएगा, जहां से उन्हें विशेष रूप से डिजाइन किए वाहनों से सड़क मार्ग द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा। कूनो में बोत्सवाना से आने वाले आठ चीतों के लिए विशेष क्वारंटीन बाड़े तैयार किए गए हैं। सभी चीते कम से कम एक महीने तक क्वारंटीन एनक्लोजर में रहेंगे, ताकि उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण के अनुकूलता की निगरानी की जा सके। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद चीतों को गांधी सागर वाइल्ड सेंचुरी और नौरादेही वाइल्ड सेंचुरी में शिफ्ट किए जाने की संभावना है। अभी गांधी सागर अभयारण्य में वर्तमान में तीन चीते हैं। इसमें दो नर और एक मादा है।
देश में अब कुल 39 चीते
बता दें, मध्य प्रदेश में 2022 में आठ चीते नामीबिया और वर्ष 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए। अब प्रदेश में चीतों की आबादी बढ़कर 39 हो गई है। इनमें से 32 कूनो में और तीन गांधी सागर अभयारण्य में हैं। इनके अलावा चीता गामिनी ने शुक्रवार को चार शावकों को जन्म दिया। इन्हें भी मिलाकर कुल संख्या अब 39 हो गई है।
