भोपाल डबल मर्डर: दो करोड़ की प्रॉपर्टी हथियाने के लिए महीनों से रच रहा था साजिश, आरोपी का खुलासा; कबूला जुर्म
भोपाल डबल मर्डर मामले में मुख्य आरोपी श्रीकांत चिचलिया ने दो करोड़ रुपये का मकान हड़पने के लिए फर्जी गिफ्ट डीड बनवाई। जालसाजी उजागर होने और मकान बिकने की आशंका पर उसने भाई के साथ मिलकर सेवानिवृत्त दंपति की हत्या कर दी।
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राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर में रहने वाले सेवानिवृत्त दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक फिलेमोन की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी श्रीकांत चिचलिया ने दो करोड़ रुपये के मकान पर कब्जा करने के लिए लंबे समय से साजिश रच रखी थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इटारसी स्थित प्लॉट को बिकवाने के लिए जब शकुंतला बारीक से पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई गई थी, उसी दौरान श्रीकांत ने सुदामा नगर स्थित मकान की फर्जी गिफ्ट डीड भी तैयार करवा ली थी। इस गिफ्ट डीड को रजिस्टर्ड कराने में उसने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। गिफ्ट डीड में शकुंतला बारीक फिलेमोन की भाभी शिवानी बारीक के भी गवाह के रूप में हस्ताक्षर हैं। इसी कारण पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस रिमांड के दौरान श्रीकांत चिचलिया ने पूछताछ में बताया कि गिफ्ट डीड रजिस्टर्ड कराने के लिए उसने अपनी पत्नी के जेवर बेच दिए थे। पत्नी इसके लिए तैयार नहीं थी, लेकिन उसने उसे यह कहकर मना लिया कि दो करोड़ रुपये का मकान मिलने के बाद पूरा परिवार मालामाल हो जाएगा। आरोपी ने बताया कि जब उसे पता चला कि हेमंत और शकुंतला फिलेमोन मकान बेचने की तैयारी कर रहे हैं, तभी उसने उनकी हत्या की योजना बना ली।
मकान पर ऋण नहीं मिला तो बेचने की तैयारी शुरू हुई
पूछताछ में श्रीकांत ने बताया कि वह दंपति का विश्वास जीतकर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था। शिवानी बारीक से भी समय-समय पर उनके बारे में जानकारी लेता रहता था। उसने पुलिस को बताया कि शकुंतला पार्टियों की शौकीन थीं, जिस कारण उनका पति हेमंत फिलेमोन से अक्सर विवाद होता था। हेमंत उन्हें अपनी पेंशन की पूरी राशि खर्च के लिए नहीं देते थे। इस वजह से शकुंतला पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए दंपति सुदामा नगर स्थित मकान को गिरवी रखकर ऋण लेना चाहते थे। उन्होंने दो बैंकों से संपर्क किया, लेकिन दोनों की उम्र 70 वर्ष से अधिक होने तथा आयकर रिटर्न (आईटीआर) और बैंक ट्रांजेक्शन संतोषजनक नहीं होने के कारण ऋण स्वीकृत नहीं हुआ।
श्रीकांत ने और क्या बताया?
श्रीकांत ने बताया कि ऋण नहीं मिलने पर उसे राहत मिली, क्योंकि इससे उसकी जालसाजी उजागर होने से बच गई। लेकिन बाद में जब उसे पता चला कि दंपति मकान करीब 1.25 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी कर रहे हैं, तो उसे डर सताने लगा कि खरीदार जब बैंक से होम लोन के लिए आवेदन करेगा, तब दस्तावेजों की जांच में फर्जी गिफ्ट डीड सामने आ जाएगी और वह पकड़ा जाएगा।
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उसने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि न तो मकान मिलेगा और न ही 15 लाख रुपये वापस मिलेंगे। धोखाधड़ी के मामले में जेल जाने और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए उसने दंपति की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। उल्लेखनीय है कि 24 जून को श्रीकांत चिचलिया ने अपने छोटे भाई शशिकांत चिचलिया के साथ मिलकर हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 26 जून की रात किरायेदारों ने घर से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने कजलीखेड़ा निवासी श्रीकांत और उसके भाई शशिकांत को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान मृतक का मोबाइल कजलीखेड़ा नाले से बरामद किया गया। वारदात में इस्तेमाल की गई दोनों पिस्टल शाजापुर से एक लाख रुपये में खरीदी गई थीं। हत्या के बाद श्रीकांत की दूसरी पत्नी और उसके बेटे ने दोनों पिस्टल बड़े तालाब में फेंक दी थीं। पुलिस के गोताखोरों ने दोनों हथियार बरामद कर लिए। इस सराहनीय कार्य के लिए गोताखोरों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। साक्ष्य छिपाने के आरोप में पुलिस ने श्रीकांत की दूसरी पत्नी और उसके बेटे को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। श्रीकांत और शशिकांत फिलहाल ऐशबाग थाना पुलिस की रिमांड पर हैं। सोमवार को रिमांड समाप्त होने पर दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
