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भोपाल कलेक्ट्रेट में हाईवोल्टेज हंगामा: भिड़े विधायक-अध्यक्ष, औकात में रहो से मचा बवाल, विधायकों का वॉकआउट
Fri, 10 Jul 2026 04:32 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 10 Jul 2026 04:32 PM IST
सार
भोपाल कलेक्ट्रेट में दिशा समिति की बैठक के दौरान मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत से तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों विधायक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। बैठक में स्मार्ट सिटी, अमृत-2.0, सड़कों की बदहाली और विकास कार्यों को लेकर भी अधिकारियों को जमकर घेरा गया।
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जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सियासी अखाड़े में बदल गई। शहर के मास्टर प्लान को लेकर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत से तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान प्रमोद राजपूत ने विधायकों से औकात में रहो कहा और उंगली दिखाकर बात की। इसके बाद माहौल गरमा गया और दोनों कांग्रेस विधायक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन, महापौर मालती राय समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
मास्टर प्लान पर शुरू हुई बहस, फिर बढ़ा विवाद
बैठक में मास्टर प्लान लागू नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। आरिफ मसूद सांसद आलोक शर्मा से इस विषय पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में हस्तक्षेप किया। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की ओर उंगली दिखाते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। प्रमोद राजपूत ने गुस्से में कहा, औकात में रहकर बात करो। वहीं विवाद के दौरान उन्होंने यह भी कहा, बदमाशी भी कर लूंगा राजपूत हूं, निपट लूंगा। इस पर आरिफ मसूद ने कहा कि वह सांसद से बात कर रहे हैं, बीच में बोलना और इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आरिफ मसूद बोले- बेइज्जती बर्दाश्त नहीं
विवाद के बाद आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक से बाहर निकल गए। बाहर आकर आरिफ मसूद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ बदतमीजी और बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विधायक के विशेषाधिकार का हनन हुआ है और इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।
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सड़क, पेंचवर्क और अमृत-2.0 पर भी अधिकारियों को घेरा
बैठक में शहर की बदहाल सड़कों, गड्ढों, अधूरे पेंचवर्क और अमृत-2.0 परियोजना को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा से विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि शहर में बिना योजना के सड़कें खोद दी जाती हैं और फिर दूसरी लाइन डालने के लिए दोबारा खुदाई कर जनता को परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई जगह आज तक गड्ढे नहीं भरे गए और पेंचवर्क भी अधूरा है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने माना कि कई स्थानों पर समस्याएं हैं और उनमें सुधार की आवश्यकता है।
स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया
बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना भी निशाने पर रही। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उनमें मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। कई जगह लिफ्ट तक बंद रहती हैं, कम्युनिटी हॉल नहीं बनाए गए और दशहरा मैदान की स्थिति भी खराब हो गई है। उन्होंने बड़े व्यावसायिक प्लॉटों को छोटे-छोटे हिस्सों में बेचने का सुझाव भी दिया। आरिफ मसूद ने भी सबनानी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि यदि वरिष्ठ विधायक समस्याएं उठा रहे हैं तो अधिकारियों को उनका तत्काल समाधान करना चाहिए।
महापौर और सांसद ने भी उठाए सवाल
महापौर मालती राय ने स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट सहित अन्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। वहीं सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है, जिसके कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का सुझाव दिया।
यह भी पढ़ें-जुलाई की झमाझम से बदली तस्वीर, एमपी में सामान्य से 10% ज्यादा बारिश, अगले 4 दिन तक बारिश के आसार
मास्टर प्लान जल्द लागू होना चाहिए
बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान जल्द लागू होना चाहिए। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। बैठक में भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें संभागायुक्त को अध्यक्ष बनाने और भोपाल-सीहोर के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ तथा जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया। साथ ही भोपाल को वेटलैंड सिटी घोषित करने की मांग भी रखी गई।
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मास्टर प्लान पर शुरू हुई बहस, फिर बढ़ा विवाद
बैठक में मास्टर प्लान लागू नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। आरिफ मसूद सांसद आलोक शर्मा से इस विषय पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में हस्तक्षेप किया। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की ओर उंगली दिखाते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। प्रमोद राजपूत ने गुस्से में कहा, औकात में रहकर बात करो। वहीं विवाद के दौरान उन्होंने यह भी कहा, बदमाशी भी कर लूंगा राजपूत हूं, निपट लूंगा। इस पर आरिफ मसूद ने कहा कि वह सांसद से बात कर रहे हैं, बीच में बोलना और इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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आरिफ मसूद बोले- बेइज्जती बर्दाश्त नहीं
विवाद के बाद आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक से बाहर निकल गए। बाहर आकर आरिफ मसूद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ बदतमीजी और बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विधायक के विशेषाधिकार का हनन हुआ है और इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।
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सड़क, पेंचवर्क और अमृत-2.0 पर भी अधिकारियों को घेरा
बैठक में शहर की बदहाल सड़कों, गड्ढों, अधूरे पेंचवर्क और अमृत-2.0 परियोजना को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा से विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि शहर में बिना योजना के सड़कें खोद दी जाती हैं और फिर दूसरी लाइन डालने के लिए दोबारा खुदाई कर जनता को परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई जगह आज तक गड्ढे नहीं भरे गए और पेंचवर्क भी अधूरा है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने माना कि कई स्थानों पर समस्याएं हैं और उनमें सुधार की आवश्यकता है।
स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया
बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना भी निशाने पर रही। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उनमें मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। कई जगह लिफ्ट तक बंद रहती हैं, कम्युनिटी हॉल नहीं बनाए गए और दशहरा मैदान की स्थिति भी खराब हो गई है। उन्होंने बड़े व्यावसायिक प्लॉटों को छोटे-छोटे हिस्सों में बेचने का सुझाव भी दिया। आरिफ मसूद ने भी सबनानी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि यदि वरिष्ठ विधायक समस्याएं उठा रहे हैं तो अधिकारियों को उनका तत्काल समाधान करना चाहिए।
महापौर और सांसद ने भी उठाए सवाल
महापौर मालती राय ने स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट सहित अन्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। वहीं सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है, जिसके कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का सुझाव दिया।
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मास्टर प्लान जल्द लागू होना चाहिए
बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान जल्द लागू होना चाहिए। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। बैठक में भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें संभागायुक्त को अध्यक्ष बनाने और भोपाल-सीहोर के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ तथा जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया। साथ ही भोपाल को वेटलैंड सिटी घोषित करने की मांग भी रखी गई।
