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Twisha Sharma Death Case: 'शहीद के परिवार को बिना जांच दोषी ठहराया जा रहा', ट्विशा की रिटायर्ड जज सास बोलीं

Mon, 18 May 2026 09:07 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sabahat Husain Updated Mon, 18 May 2026 09:07 PM IST
सार

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह ने भावुक होकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ट्विशा मानसिक उपचार ले रही थीं। गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के पिता को लेकर भी टिप्पणी की है। पढ़ें पूरी खबर

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mother-in-law Giribala Singh stated that the passing of her daughter-in-law is tragic the Twisha Sharma case
गिरिबाला सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पहली बार सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह मीडिया के सामने आईं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वह कई बार भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि ट्विशा का निधन उनके परिवार के लिए भी गहरा सदमा है और बिना जांच पूरी हुए उनके परिवार को दोषी की तरह पेश किया जा रहा है।

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क्या बोलीं गिरिबाला सिंह?
गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनके बेटे समर्थ सिंह और ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद कर विवाह किया था। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों का परिवेश अलग था, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ सब सामान्य हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शादी के बाद उन्हें लगा कि ट्विशा मानसिक रूप से परेशान थीं और उनका मनोचिकित्सकीय उपचार एवं काउंसलिंग चल रही थी। उन्होंने दावा किया कि शादी के पांच महीनों के दौरान ट्विशा कई बार दिल्ली गईं और हर बार लौटने पर उनका व्यवहार बदला हुआ दिखाई देता था। गिरिबाला सिंह ने कहा कि ग्लैमर वर्ल्ड का दबाव भी उनके जीवन पर असर डाल रहा था। गर्भपात के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह फैसला ट्विशा ने अपनी इच्छा से लिया था।

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भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि एक बहू और बेटी में कोई फर्क नहीं होता। उनका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने मीडिया ट्रायल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी लड़की की आत्महत्या हो जाती है तो क्या केवल पति और ससुराल पक्ष को ही आरोपी मान लिया जाना चाहिए।

दिवंगत पति को लेकर क्या बोलीं?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरिबाला सिंह ने कहा कि मेरे पति देश के लिए शहीद हुए हैं। शहीद की पत्नी को सम्मान नहीं दे सकते, ये कैसे लोग हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ट्विशा की मां से उनका लगातार संपर्क था और उन्होंने उन्हें भोपाल आकर साथ रहने का आग्रह भी किया था, ताकि स्थिति संभाली जा सके।



वहीं समर्थ सिंह की ओर से उपस्थित वकील जॉर्ज जोसफ ने कहा कि मामले की जांच किसी भी एजेंसी से कराई जाए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम कहीं भी कराया जाए और किसी भी स्तर पर जांच हो, परिवार पूरा सहयोग करने को तैयार है। गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की मौत के बाद कटारा हिल्स पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

ट्विशा के पिता को लेकर क्या बोलीं?
उन्होंने ट्विशा के पिता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी पर्सनैलिटी भी ठीक नहीं है, वे बहुत अजीब इंसान हैं। मैंने ट्विशा की मां से कहा था कि यहां आकर रहिए, कम से कम उसकी आत्मा को शांति से जाने दीजिए। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा की खूबसूरती ही उसके परिवार की आय का साधन थी, शायद इसी बात का उसके भीतर गुस्सा था। उन्होंने कहा कि हमारी ट्विशा की मां से लगातार बात हो रही थी। मैंने पूरी कोशिश की कि वह बच जाए, इसलिए उसे अस्पताल ले जाया गया। संभव है कि उसकी मां ने आने से मना किया हो। यह भी संभव है कि वह बच्चा नहीं चाहती थी। बार-बार यह कहना कई सवाल खड़े करता है। पति-पत्नी के बीच झगड़ा भी हो सकता है।

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