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MP: प्रदेश में समान नागरिक संहिता पर कवायद तेज, जिलों में जाकर जन परामर्श लेगी समिति, ऑनलाइन भी दे सकेंगे राय
Fri, 22 May 2026 08:54 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 22 May 2026 08:54 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर जन परामर्श की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब आम नागरिक 15 जून 2026 तक वेबसाइट के जरिए अपने सुझाव दे सकेंगे, जबकि समिति जिलों में जाकर भी लोगों की राय लेगी।
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यूसीसी को लेकर बैठक में सीएम मोहन यादव और अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सरकार ने जन परामर्श की प्रक्रिया तेज कर दी है। समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति अब प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त करेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जिसके माध्यम से आम नागरिक आगामी 15 जून 2026 तक अपने सुझाव ऑनलाइन दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता मध्य प्रदेश की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूसीसी के संबंध में जनता के सुझाव एकत्र करने की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय है। उन्होंने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और जिलों में समिति के भ्रमण से सुझाव लेने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की वेबसाइट तैयार करने वाला मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देश में समान नागरिक संहिता को लेकर गंभीरता से कार्य शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही इस प्रकार की व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नागरिकों के हितों की सुरक्षा और पारिवारिक कानूनों के समग्र अध्ययन के लिए यह कदम आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर आम जनता, राजनीतिक दलों, गैर-सरकारी संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों के सुझावों का सम्मानपूर्वक अध्ययन किया जाएगा।
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एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान, एक विधि की भावना वाला राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की भावना के साथ एक विधि की दिशा में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा। उन्होंने समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति को जनहित में किए जा रहे इस कार्य के लिए बधाई दी। राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और अन्य पारिवारिक कानूनों से जुड़े सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगी। इसी उद्देश्य से व्यापक जन परामर्श की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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वेबसाइट पर 15 जून तक दे सकेंगे सुझाव
सरकार की ओर से शुरू की गई वेबसाइट के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। समिति के सचिव अजय कटेसरिया ने समिति की कार्यप्रणाली और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान, एक विधि की भावना वाला राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की भावना के साथ एक विधि की दिशा में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा। उन्होंने समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति को जनहित में किए जा रहे इस कार्य के लिए बधाई दी। राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और अन्य पारिवारिक कानूनों से जुड़े सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगी। इसी उद्देश्य से व्यापक जन परामर्श की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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वेबसाइट पर 15 जून तक दे सकेंगे सुझाव
सरकार की ओर से शुरू की गई वेबसाइट के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। समिति के सचिव अजय कटेसरिया ने समिति की कार्यप्रणाली और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
