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MP: गैस पीड़ित संगठनों ने केंद्रीय मंत्री के दावों को बताया भ्रामक,बोले-यूका परिसर के पास रासायनिक कचरा मौजूद
Fri, 22 May 2026 09:55 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 22 May 2026 09:55 PM IST
सार
भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के जहरीले कचरे के पूर्ण निपटारे वाले बयान पर सवाल उठाए हैं। संगठनों का कहना है कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में अब भी बड़ी मात्रा में खतरनाक कचरा मौजूद है।
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भोपाल गैस त्रासदी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े चार संगठनों ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के उस बयान का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने यूनियन कार्बाइड के पूरे जहरीले कचरे के निपटारे का दावा किया। संगठनों ने इसे गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि फैक्ट्री परिसर और उसके आसपास अब भी बड़ी मात्रा में खतरनाक रासायनिक कचरा मौजूद है। भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी ने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से अब तक 400 मीट्रिक टन से भी कम जहरीला कचरा हटाया गया है, जबकि यह कुल खतरनाक कचरे का मात्र एक प्रतिशत है। उनका आरोप है कि फैक्ट्री परिसर और उसके बाहर बड़ी मात्रा में जहरीला अपशिष्ट अब भी दबा हुआ है। भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा कि 19 जून 2023 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी यह स्वीकार किया गया था कि फैक्ट्री और उसके आसपास के प्रदूषण के आकलन और सफाई का काम अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि ऐसे में पूरे कचरे के निपटारे का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।
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भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव ने भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि फैक्ट्री के आसपास दफन जहरीले कचरे से चार किलोमीटर क्षेत्र तक भूजल प्रदूषित हो चुका है। उनका कहना है कि यह प्रदूषण अब भोपाल की प्राकृतिक झीलों की ओर बढ़ रहा है। संगठनों ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय नुकसान के लिए यूनियन कार्बाइड और उसकी मालिक कंपनी डॉव केमिकल से अब तक मुआवजे की मांग नहीं की है। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच कर वास्तविक सफाई अभियान शुरू किया जाए।
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बता दें, भोपाल के एक कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने गैस त्रासदी के कचरे के निपटान को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट पदार्थों का पूर्णतः निष्पादन कर आपने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्य किया है। इस उल्लेखनीय पहल के लिए मैं आपका हार्दिक अभिनंदन करता हूं।
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भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव ने भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि फैक्ट्री के आसपास दफन जहरीले कचरे से चार किलोमीटर क्षेत्र तक भूजल प्रदूषित हो चुका है। उनका कहना है कि यह प्रदूषण अब भोपाल की प्राकृतिक झीलों की ओर बढ़ रहा है। संगठनों ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय नुकसान के लिए यूनियन कार्बाइड और उसकी मालिक कंपनी डॉव केमिकल से अब तक मुआवजे की मांग नहीं की है। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच कर वास्तविक सफाई अभियान शुरू किया जाए।
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बता दें, भोपाल के एक कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने गैस त्रासदी के कचरे के निपटान को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक भोपाल गैस त्रासदी के अपशिष्ट पदार्थों का पूर्णतः निष्पादन कर आपने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्य किया है। इस उल्लेखनीय पहल के लिए मैं आपका हार्दिक अभिनंदन करता हूं।
