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MP News: जनजाति विभाग में 16 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, रिक्त पदों का ब्यौरा तलब,कई बार हो चुके हैं प्रदर्शन
Sat, 23 May 2026 05:14 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 23 May 2026 05:14 PM IST
सार
भोपाल में हुए शिक्षक भर्ती आंदोलन और डीपीई घेराव के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों की जानकारी मांगी है। विभाग में 16 हजार पदों पर भर्ती की मांग लंबे समय से चल रही है, जिसे अब संभावित भर्ती तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
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डीपीआई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन अब असर दिखाने लगा है। जनजातीय कार्य विभाग में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। जारी एक आधिकारिक आदेश ने हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय ने जिले के सभी प्राचार्यों, संकुल प्राचार्यों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। आदेश में आश्रम, छात्रावास, ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय और माता शबरी आवासीय परिसरों में खाली पदों का ब्यौरा भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल में हुआ था बड़ा प्रदर्शन
शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने राजधानी भोपाल में लगातार आंदोलन किया था। डीपीई कार्यालय का घेराव भी किया गया था। प्रदर्शनकारी लगातार वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में जनजातीय कार्य विभाग के 16 हजार खाली पदों पर भर्ती निकालने की मांग कर रहे थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि विभाग में हजारों पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लगातार धरना-प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियान के बाद अब विभागीय स्तर पर रिक्त पदों का डेटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
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10 हजार प्राथमिक और 6 हजार माध्यमिक पद बढ़ने की चर्चा
जानकारी के अनुसार जनजातीय कार्य विभाग में करीब 10 हजार प्राथमिक शिक्षक और 6 हजार माध्यमिक शिक्षक के पद बढ़ाए जा सकते हैं। यही वजह है कि इस आदेश को संभावित भर्ती प्रक्रिया की शुरुआती तैयारी माना जा रहा है। आदेश के मुताबिक सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को 30 अप्रैल 2026 तक रिक्त पदों की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद पूरी रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय भेजी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जानकारी देने में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के बीच इस आदेश के बाद उत्साह का माहौल है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही पद वृद्धि और नई भर्ती को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।
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भोपाल में हुआ था बड़ा प्रदर्शन
शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने राजधानी भोपाल में लगातार आंदोलन किया था। डीपीई कार्यालय का घेराव भी किया गया था। प्रदर्शनकारी लगातार वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में जनजातीय कार्य विभाग के 16 हजार खाली पदों पर भर्ती निकालने की मांग कर रहे थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि विभाग में हजारों पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लगातार धरना-प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियान के बाद अब विभागीय स्तर पर रिक्त पदों का डेटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
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10 हजार प्राथमिक और 6 हजार माध्यमिक पद बढ़ने की चर्चा
जानकारी के अनुसार जनजातीय कार्य विभाग में करीब 10 हजार प्राथमिक शिक्षक और 6 हजार माध्यमिक शिक्षक के पद बढ़ाए जा सकते हैं। यही वजह है कि इस आदेश को संभावित भर्ती प्रक्रिया की शुरुआती तैयारी माना जा रहा है। आदेश के मुताबिक सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को 30 अप्रैल 2026 तक रिक्त पदों की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद पूरी रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय भेजी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जानकारी देने में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के बीच इस आदेश के बाद उत्साह का माहौल है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही पद वृद्धि और नई भर्ती को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।
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