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MP News: मध्य प्रदेश में बाघों की मौत का अलार्म, 15 महीनों में 64 बाघों की मौत; 25% करंट के शिकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 23 Mar 2026 09:01 AM IST
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सार

प्रदेश में पिछले 15 महीनों में 64 बाघों की मौतें हुई हैं, जिनमें से 16 करंट लगने से मरे। वन विभाग ने अवैध करंट रोकने और जागरूकता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। यहां पढ़ें टाइगर स्टेट के 'ताज 'पर संकट खड़ा करने वाली ये खबर

MP News: Alarm over tiger deaths in Madhya Pradesh, 64 tigers dead in 15 months, 25% electrocuted
बाघ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रदेश में बाघों की मौत के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले 15 महीनों में प्रदेश में 64 बाघों की मौतें दर्ज की गई है, इनमें से 16 की मौत करंट लगने से हुई है। यह स्थिति बाघ के जंगलों से निकलकर गांवों और खेतों की ओर बढ़ने से पैदा हुई है। कई इलाकों में किसान जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेतों के चारों ओर तारों में बिजली का करंट दौड़ा देते हैं। यही करंट बाघों के लिए घातक साबित हो रहा है। मंडला और जबलपुर संभाग में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां करंट लगने से बाघों की मौत हुई।
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आपसी संघर्ष और अन्य कारण भी जिम्मेदार
वन विभाग के अनुसार करंट से मौतों के अलावा कुछ मामलों में बाघों की मौत आपसी संघर्ष या प्राकृतिक कारणों से भी हुई है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जनवरी के दौरान आपसी लड़ाई में बाघों की मौत के मामले सामने आए हैं, जबकि अन्य वन क्षेत्रों में भी अलग-अलग कारणों से बाघों की जान गई।

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पिछले साल भी सामने आए थे कई मामले
वर्ष 2025 में भी प्रदेश में 53 से अधिक बाघों की मौत दर्ज की गई थी। इनमें कई मौतें करंट लगने के कारण हुई थीं, जो वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन और पानी की तलाश में बाघों का जंगल से बाहर निकलना बढ़ रहा है। यही कारण है कि वे रिहायशी इलाकों और खेतों तक पहुंच रहे हैं, जहां मानव गतिविधियों के कारण उनके लिए खतरे बढ़ जाते हैं।

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वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती
बढ़ती घटनाओं के बीच वन विभाग के सामने बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध करंट लगाने पर सख्ती और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

करंट से मौत के मामले- 
9 जनवरी 2026 - पूर्वी मंडला वनमंडल मादा बाघ। 
16 जनवरी 2026- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मादा बाघ। 
1 फरवरी 2026-  उत्तर शहडोल वनमंडल मादा बाघ। 
2 फरवरी 2026-  उत्तर शहडोल वनमंडल नर बाघ।
5 जनवरी 2025 - पेंच टाइगर रिजर्व  मादा बाघ। 
6 फरवरी 2025 - बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नर बाघ। 
2 मई 2025 -  - बुरहानपुर वनमंडल मादा बाघ। 
21 जुलाई 2025 - कान्हा टाइगर रिजर्व नर बाघ। 
18 अगस्त 2025 - संजय टाइगर रिजर्व नर बाघ। 
11 दिसंबर 2025 - दक्षिण बालाघाट वनमंडल नर बाघ। 
13 दिसंबर 2025 - उमरिया वनमंडल नगर बाघ। 
28 दिसंबर 2025 - दक्षिण सागर वनमंडल नर बाघ। 
7 जुलाई 2025-    दक्षिण सिवनी वनमंडल नर बाघ। 
26 जुलाई 2025-   बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नर बाघ। 
12 अक्टूबर 2025-  उत्तर बालाघट वनमंडल नर बाघ।
26 अक्टूबर 2025-  उत्तर बालाघाटन वनमंडल नर बाघ।

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जागरूकता के साथ सख्ती बढ़ाएंगे : सेन
मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने बताया कि राज्य में करंट से वन्यजीवों की मौत के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसलों को सूअर और अन्य जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों के आसपास बिजली का करंट प्रवाहित कर देते हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर गांवों में खुले तार भी डाले जाते हैं, जिससे ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार इन घटनाओं की समय पर जानकारी विभाग तक नहीं पहुंच पाती। अब वन विभाग इस तरह के हादसों को रोकने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है और जागरूकता के साथ सख्ती भी बढ़ाई जाएगी।
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