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MP News: सीएम यादव बोले- आयुर्वेद चिकित्सा के सफल प्रयोग की जानकारी और लाभ जन-जन तक पहुंचायें
Fri, 22 May 2026 10:00 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 22 May 2026 10:00 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार आयुष सेवाओं के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। प्रदेश के जिला अस्पतालों में आयुष विंग और पंचकर्म यूनिट शुरू किए जाएंगे, वहीं कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर वेलनेस सेंटर भी बनाए जा रहे हैं।
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सीएम यादव आयुष विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुर्वेद, योग और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष से जुड़े नवाचारों का लाभ प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आयुर्वेद आधारित चिकित्सा व्यवस्था और वेलनेस सेंटर विकसित करने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि दूसरे राज्यों में आयुष क्षेत्र में हुए सफल प्रयोगों का अध्ययन कर उन्हें मध्यप्रदेश में भी लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने वयोमित्र कार्यक्रम को बुजुर्गों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने की यह पहल आदर्श मॉडल बन रही है। वहीं कारूण्य योजना के जरिए गंभीर और असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को राहत देने का कार्य भी प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें खजुराहो, ओंकारेश्वर, चंदेरी, चित्रकूट, पचमढ़ी, ओरछा, उज्जैन और दतिया सहित अन्य जिले शामिल हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों में आयुष चिकित्सा के लिए अलग विंग बनाए जा रहे हैं और प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के अनुसार, प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथिक अस्पतालों में आयुष विंग स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज और 12 जिलों में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में आयुष चिकित्सा को शामिल करने की दिशा में भी काम कर रही है। साथ ही प्रदेश में 20 आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने और प्राकृतिक चिकित्सा व योग महाविद्यालय स्थापित करने की तैयारी भी की जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आयुर्वेद आधारित चिकित्सा व्यवस्था और वेलनेस सेंटर विकसित करने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि दूसरे राज्यों में आयुष क्षेत्र में हुए सफल प्रयोगों का अध्ययन कर उन्हें मध्यप्रदेश में भी लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने वयोमित्र कार्यक्रम को बुजुर्गों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने की यह पहल आदर्श मॉडल बन रही है। वहीं कारूण्य योजना के जरिए गंभीर और असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को राहत देने का कार्य भी प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश में 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें खजुराहो, ओंकारेश्वर, चंदेरी, चित्रकूट, पचमढ़ी, ओरछा, उज्जैन और दतिया सहित अन्य जिले शामिल हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों में आयुष चिकित्सा के लिए अलग विंग बनाए जा रहे हैं और प्रत्येक आयुष विंग में पंचकर्म यूनिट भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के अनुसार, प्रदेश के 22 जिलों के एलोपैथिक अस्पतालों में आयुष विंग स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पांच नए आयुर्वेदिक कॉलेज और 12 जिलों में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में आयुष चिकित्सा को शामिल करने की दिशा में भी काम कर रही है। साथ ही प्रदेश में 20 आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने और प्राकृतिक चिकित्सा व योग महाविद्यालय स्थापित करने की तैयारी भी की जा रही है।
