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MP News: ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव में दिखी छह देशों की संस्कृति,ब्राजील की टीम के 'कैपोएरा' कला ने जीता दिल
Thu, 06 Aug 2026 09:31 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 06 Aug 2026 09:31 PM IST
सार
भोपाल में आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में छह देशों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला, संगीत और लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं। ब्राजील की 'कैपोएरा' प्रस्तुति और भारत के राजस्थानी लोकनृत्यों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
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ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में प्रस्तुति देते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के तहत गुरुवार को भोपाल के रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान छह देशों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, लोकनृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और आपसी सहयोग को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत सभी सहभागी देशों की सांस्कृतिक परेड से हुई। इसमें बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मेजबान भारत के कलाकार शामिल हुए। सभी देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विरासत का परिचय दिया।
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बेलारूस के कलाकारों ने लोकगीत और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए। ब्राजील की टीम ने प्रसिद्ध 'कैपोएरा' कला का प्रदर्शन किया, जिसमें मार्शल आर्ट, नृत्य और संगीत का अनूठा मेल देखने को मिला। इंडोनेशिया के कलाकारों ने बाली का पारंपरिक 'पुष्पांजलि' स्वागत नृत्य और जावानीस नृत्य-नाटिका 'द लीजेंड ऑफ रोरो जोंगरांग' प्रस्तुत की। रूस के कलाकारों ने बालालाइका और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर मनमोहक संगीत प्रस्तुत किया। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के प्रसिद्ध संगीतकार सैफ अल-अली ने अमीराती और अरब संगीत की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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भारत की ओर से 'मारू रंग- राजस्थान की विरासत' कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसमें घूमर, कालबेलिया, चरी और भवाई जैसे प्रसिद्ध राजस्थानी लोकनृत्यों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का समापन ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ, जिसमें सभी देशों के कलाकार एक मंच पर आए और सांस्कृतिक एकता, आपसी सम्मान और वैश्विक सद्भाव का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन विभिन्न देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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बेलारूस के कलाकारों ने लोकगीत और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए। ब्राजील की टीम ने प्रसिद्ध 'कैपोएरा' कला का प्रदर्शन किया, जिसमें मार्शल आर्ट, नृत्य और संगीत का अनूठा मेल देखने को मिला। इंडोनेशिया के कलाकारों ने बाली का पारंपरिक 'पुष्पांजलि' स्वागत नृत्य और जावानीस नृत्य-नाटिका 'द लीजेंड ऑफ रोरो जोंगरांग' प्रस्तुत की। रूस के कलाकारों ने बालालाइका और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर मनमोहक संगीत प्रस्तुत किया। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के प्रसिद्ध संगीतकार सैफ अल-अली ने अमीराती और अरब संगीत की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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भारत की ओर से 'मारू रंग- राजस्थान की विरासत' कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसमें घूमर, कालबेलिया, चरी और भवाई जैसे प्रसिद्ध राजस्थानी लोकनृत्यों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का समापन ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ, जिसमें सभी देशों के कलाकार एक मंच पर आए और सांस्कृतिक एकता, आपसी सम्मान और वैश्विक सद्भाव का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन विभिन्न देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
