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राज और नीति : दतिया के नतीजों से कांग्रेस-भाजपा के दो दिग्गज नेताओं के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह!

Fri, 07 Aug 2026 06:01 AM IST
Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 07 Aug 2026 06:01 AM IST
सार

दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद भाजपा के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। नरोत्तम मिश्रा की भूमिका और पार्टी की संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं, जबकि कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को निष्कासित कर उनके भविष्य पर भी अनिश्चितता बढ़ा दी है।

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Politics and Policy: Datia results raise questions about the future of two top Congress and BJP leaders!
राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दतिया उपचुनाव के नतीजों को लेकर वैसे तो कई परिणाम दूर तक देखने को मिल सकते हैं, लेकिन जो सबसे बड़ा परिणाम देखने को मिल रहा है, वह यह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के एक-एक दिग्गज नेता के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की अब आगे की राजनीति क्या होगी? सियासी हलकों में चल रही चर्चाओं पर अगर भरोसा किया जाए तो बताया जा रहा है कि नरोत्तम खुद ही अब शांत रहने वाले हैं, लेकिन क्या पार्टी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने का सोच रही है? इन सबको लेकर चर्चा का दौर गर्म है। इधर, कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को मतगणना के ठीक एक दिन पहले पार्टी ने निष्कासित कर यह संदेश दे दिया कि अब पार्टी में उनके दिन लद गए हैं और पार्टी को उनकी आवश्यकता नहीं है। ऐसे में अब उनका भविष्य क्या होगा यह भी सोचनीय है। वैसे राजनीति में कब कोई फिर सितारा बन जाए, कहा नहीं जा सकता!
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मध्य प्रदेश को लेकर दिल्ली में बढ़ी सियासी हलचलें 
दतिया उपचुनाव में भाजपा की पराजय के बाद दिल्ली में लगातार राजनीतिक हलचलें बढ़ी हैं। बताया गया है कि इस हार के बाद प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बुलाया और उनसे फीडबैक लिया। इधर, पता चला है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के कद्दावर नेता और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद सियासी अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। अभी कुछ दिन पूर्व अमित शाह से पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी मुलाकात की थी। इसके बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली पहुंचे। जानकारों का मानना है कि बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव और मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव की हार की चर्चा अब वैसे राष्ट्रीय स्तर पर कम हो रही है फिर भी मध्य प्रदेश के सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाओं का दौर चल रहा है।
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वन विकास निगम आर्थिक संकट में 
एक पुरानी कहावत है कि जब बुरे दिन आते हैं तो परछाई भी साथ छोड़ जाती है। यह कहावत मध्य प्रदेश वन विकास निगम पर चरितार्थ होती दिखाई दे रही है। इन दिनों निगम आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, इसलिए कोई भी पीसीसीएफ स्तर का अधिकारी निगम का एमडी नहीं बनना चाहता है। निगम के एमडी के लिए वन बल प्रमुख ने मुख्यालय से जिन पीसीसीएफ के नाम राज्य सरकार के मंत्रालय को भेजे गए हैं उनमें समिता राजौरा, मनोज अग्रवाल और बीएस अन्नागिरी के नाम शामिल हैं। ये सभी वन मुख्यालय में बड़े बजट वाली महत्वपूर्ण शाखा के मुखिया हैं और बताया गया है कि वे वहां से हटना नहीं चाहते हैं। ये सभी निगम के एमडी नहीं बनने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। कोई मंत्री का सहारा ले रहे हैं तो कोई मुख्य सचिव से संबंध होने का फायदा उठाने के प्रयास में हैं। ऐसे में फिलहाल सीसीएफ को निगम के एमडी का प्रभार सौंपा गया है। एचयू खान के 31 जुलाई को रिटायर होने के बाद से निगम के एमडी का पद खाली है।
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इंदौर के महापौर की साफगोई 
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपना चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर वरिष्ठ संपादकों से रूबरू हुए। इस दौरान उनके द्वारा बिना किसी लाग लपेट के दिए प्रेजेंटेशन में यह तो स्पष्ट दिखाई दिया कि इंदौर में अनेक क्षेत्रों में उपलब्धियां तो हासिल की हैं, लेकिन अनेक कार्य वर्ष 2047 की दृष्टि से शुरू किए गए हैं। चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि उनके चार साल का कार्यकाल इंदौर के रिवाइवल के रूप में याद किया जाएगा। आने वाला समय बताएगा कि हमने जो काम किए हैं, वह इंदौर की भविष्य की जनसंख्या को देखते हुए उपयोगी साबित होंगे। बता दें, इन दिनों में इंदौर में करीब 23 फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और 22 मास्टर प्लान सड़कों का निर्माण चल रहा है। इसके कारण नागरिकों को कभी-कभी परेशानी भी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल तकलीफ जरूर है, लेकिन इसका फायदा आने वाले समय में आपको नजर आएगा। अमृत 2.0 योजना करीब 50 लाख की आबादी को जलप्रदाय के लिहाज से बनाई है। ग्रीन बांड जारी करने वाला इंदौर नगर निगम देश में पहला है। ब्लू बांड भी जारी करने वाले हैं।

आदिवासी जिले में पंचायत भवन का आधुनिकीकरण
मध्य प्रदेश में बड़वानी पहला आदिवासी जिला है, जहां पंचायत भवनों को नए सिरे से तैयार कर उनका आधुनिकीकरण किया गया है। जिला पंचायत बड़वानी ने ग्रामीण सुशासन और नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में 'नवाचार–क्रियाशील ग्राम पंचायत भवन' अभियान के तहत जिले में 409 में से 201 ग्राम पंचायत भवनों का शत-प्रतिशत आधुनिकीकरण पूरा कर लिया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी काजल जावला की पहल से यह कार्य पूरा हुआ। अभियान के तहत जर्जर पंचायत भवनों का कायाकल्प, आधुनिक कार्यालयों का निर्माण, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, बेहतर बैठक कक्ष, 'आदि सेवा केंद्र' और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से एक ही स्थान पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब कई सरकारी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होने लगी हैं, जिससे उन्हें ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें। 
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