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MP News: MP में 5वीं-8वीं की बोर्ड तर्ज पर परीक्षा, 20 फरवरी से इम्तिहान का आगाज, 25 लाख बच्चे देंगे परीक्षा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 05 Feb 2026 09:04 AM IST
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सार
मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा 20 से 28 फरवरी तक बोर्ड पैटर्न पर होगी। प्रदेशभर में 12,920 परीक्षा केंद्रों पर करीब 25 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। शासकीय, निजी स्कूल और मदरसों के छात्र शामिल होंगे। पूरी प्रक्रिया के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है और कोई भी पात्र विद्यार्थी परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में पहली बार शिक्षण सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा पूरी तरह बोर्ड पैटर्न पर कराई जाएगी। परीक्षा की शुरुआत 20 फरवरी से होगी और 28 फरवरी तक प्रदेशभर में एक साथ परीक्षाएं चलेंगी। इसे लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बड़ी परीक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश में 12 हजार 920 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 25 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। शासकीय, निजी स्कूलों के साथ-साथ मदरसों के विद्यार्थी भी इस परीक्षा में शामिल होंगे।
सरकारी-निजी और मदरसा सभी छात्र एक साथ परीक्षा में
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस साल सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के कुल 24 लाख 90 हजार से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में बैठेंगे। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ने वाले 522 निजी स्कूलों के करीब 20,736 विद्यार्थियों के लिए भाषा विषय का अलग प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। बाकी विषयों के प्रश्न पत्र राज्य की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होंगे।
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ऑनलाइन पोर्टल से पूरी परीक्षा पर नजर
परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक खास आईटी पोर्टल तैयार किया है। इसी पोर्टल से छात्रों का सत्यापन, परीक्षा केंद्र तय करना, केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। उपस्थिति से लेकर मूल्यांकन और अंकसूची तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
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कोई छात्र परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा
राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि हर पात्र विद्यार्थी को परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यदि कोई छात्र किसी कारण से परीक्षा से पहले पंजीकरण नहीं करा पाया है, तो भी उसे परीक्षा में बैठने दिया जाएगा। ऐसे छात्रों की जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी। इस परीक्षा में प्रदेश की 86 हजार से ज्यादा सरकारी, लगभग 24 हजार निजी शालाओं और 525 मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे।
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सरकारी-निजी और मदरसा सभी छात्र एक साथ परीक्षा में
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस साल सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के कुल 24 लाख 90 हजार से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में बैठेंगे। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ने वाले 522 निजी स्कूलों के करीब 20,736 विद्यार्थियों के लिए भाषा विषय का अलग प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। बाकी विषयों के प्रश्न पत्र राज्य की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होंगे।
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ऑनलाइन पोर्टल से पूरी परीक्षा पर नजर
परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक खास आईटी पोर्टल तैयार किया है। इसी पोर्टल से छात्रों का सत्यापन, परीक्षा केंद्र तय करना, केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। उपस्थिति से लेकर मूल्यांकन और अंकसूची तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
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कोई छात्र परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा
राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि हर पात्र विद्यार्थी को परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यदि कोई छात्र किसी कारण से परीक्षा से पहले पंजीकरण नहीं करा पाया है, तो भी उसे परीक्षा में बैठने दिया जाएगा। ऐसे छात्रों की जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी। इस परीक्षा में प्रदेश की 86 हजार से ज्यादा सरकारी, लगभग 24 हजार निजी शालाओं और 525 मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे।

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