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MP News: खरीफ फसलों के लिए जरूरी खाद अब 17 अगस्त से मिलेगी, तीन दिन तक बंद रही थी बिक्री

Sun, 16 Aug 2026 11:37 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 16 Aug 2026 11:37 AM IST
सार

खरीफ सीजन के बीच मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। तीन दिन तक बंद रहने के बाद 17 अगस्त से प्रदेशभर में अनुदानित खाद का वितरण फिर से शुरू हो जाएगा।

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MP News: Fertilizers essential for Kharif crops will now be available starting August 17; sales had been suspe
खाद  सांकेतिक फोटो - फोटो : खाद का संकट सांकेतिक फोटो

विस्तार

मध्यप्रदेश में किसानों को सोमवार से सरकारी सब्सिडी वाली खाद मिलेगी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने खाद के स्टॉक के सत्यापन के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए थे। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, भारत सरकार के आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। इसके लिए खाद की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी । यह प्रतिबंध प्रदेश के सभी खाद वितरण केंद्रों पर लागू रहेगा। इसमें प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, एमपी एग्रो के बिक्री केंद्र, विपणन संघ और निजी उर्वरक विक्रेता शामिल हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्टॉक का मिलान पूरा होने तक किसी भी केंद्र से सरकारी सब्सिडी वाले उर्वरकों का वितरण नहीं किया जाएगा। आदेश के पालन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। खरीफ सीजन के दौरान खाद की मांग बढ़ने के कारण इस निर्णय का असर बड़ी संख्या में किसानों पर पड़ सकता है। ऐसे में अब किसानों की नजर सरकार के अगले निर्देशों पर टिकी हुई है। 
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विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि 1 अप्रैल से अब तक 17.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया। इसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। वर्तमान में 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह मात्रा 1.60 लाख मीट्रिक टन थी। वहीं, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन रही। अब तक 7.09 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है, जबकि 4.10 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक अभी भी उपलब्ध है। पिछले वर्ष इसी समय यह मात्रा 3 लाख मीट्रिक टन थी। साथ ही एसएसपी की कुल उपलब्धता 6.78 लाख मीट्रिक टन रही। किसानों ने 3.61 लाख मीट्रिक टन का उठाव किया है और वर्तमान में 3.17 लाख मीट्रिक टन का भंडार उपलब्ध है।  
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बता दें प्रदेश में करीब 82 लाख पंजीकृत किसान हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत पात्र किसानों की संख्या भी लगभग इतनी ही है। मध्यप्रदेश में करीब 152 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जाती है। खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है और अब फसलों की बढ़वार के लिए यूरिया समेत अन्य उर्वरकों की आवश्यकता बढ़ गई है। धान उत्पादक क्षेत्रों में खाद की मांग सबसे अधिक रहती है।

14 अगस्त की शाम से बंद थी बिक्री
कृषि विभाग ने 14 अगस्त की शाम 7 बजे से सरकारी सब्सिडी वाली खाद की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी थी। यह निर्णय सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के मिलान के लिए लिया गया था। यह रोक विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री केंद्रों पर लागू की गई थी। इसके पालन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई थी।
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