खुली पोल: मेडिकल बिल घोटाले, छेड़खानी और CBI जांच के दागियों को भी मिला प्रमोशन; 35 पर गिरेगी गाज
पुलिस मुख्यालय की रिव्यू डीपीसी में करीब 35 पुलिसकर्मियों के प्रमोशन में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। मेडिकल बिल घोटाले, छेड़खानी और सीबीआई जांच से जुड़े कर्मचारियों को भी पदोन्नति मिली। अब उन्हें पूर्व पदों पर रिवर्ट करने के आदेश जल्द जारी होंगे।
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पुलिस मुख्यालय में हाल ही में हुई रिव्यू डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठकों में पदोन्नति प्रक्रिया में बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला है कि करीब 35 पुलिसकर्मी और अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर मेडिकल बिल घोटाले, छेड़खानी और सीबीआई जांच जैसे गंभीर मामले होने के बावजूद उन्हें पदोन्नति दे दी गई। अब रिव्यू डीपीसी ने इन कर्मचारियों को उनके पूर्व पदों पर वापस भेजने यानी रिवर्ट करने की सिफारिश की है। अंतिम आदेश जल्द जारी होने की संभावना है।
चार करोड़ के मेडिकल बिल घोटाले में 48 कर्मचारी दोषी
पुलिस मुख्यालय की प्रशासन और कार्मिक शाखा के कुछ कर्मचारियों पर फर्जी मेडिकल बिल लगाकर करीब चार करोड़ रुपये की शासकीय राशि हड़पने के आरोप लगे थे। जांच में कुल 48 कर्मचारियों को दोषी पाया गया था। इनमें से तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था, जबकि बाकी 45 कर्मचारियों से कथित गबन की राशि किस्तों में वसूल की गई। इसके बावजूद इन कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (सीआर) में उत्कृष्ट प्रविष्टियां दर्ज कर दी गईं। इसी के आधार पर उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल गया। रिव्यू डीपीसी में इस मामले की भी समीक्षा की गई।
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छेड़खानी और सीबीआई जांच वाले भी पदोन्नत
मेडिकल बिल घोटाले के अलावा कई ऐसे पुलिसकर्मियों के मामले भी सामने आए, जिनके खिलाफ राजधानी के अलग-अलग थानों में छेड़खानी के प्रकरण दर्ज हैं। कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई जांच भी चल रही है। इसके बावजूद उन्हें पदोन्नति दिए जाने पर सवाल उठे हैं।
इस मामले में हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताई है। एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसीएस (गृह), डीजीपी और पदोन्नति पाने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीआर लिखने और पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल रहे अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। ये नोटिस 28 जुलाई को तामील हो चुके हैं।
रिव्यू डीपीसी पूरी, जल्द जारी होंगे आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग में भी हलचल है। स्पेशल डीजी प्रशासन आदर्श कटियार ने बताया कि विस्तृत जांच के बाद रिव्यू डीपीसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब डीजीपी के साथ अंतिम चर्चा के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को उनके पूर्व पदों पर रिवर्ट करने के अंतिम आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद उन अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति पर गिरी गाज की स्थिति साफ हो जाएगी, जिन्हें गंभीर आरोपों और जांच के बावजूद प्रमोशन का लाभ मिला था।
