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MP News: विदेश में नौकरी के प्रशिक्षण के लिए पहली बार सोशल स्टॉक एक्सचेंज से जुटेगा फंड, नाबार्ड ने जताई रुचि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 19 Jan 2026 08:34 AM IST
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सार
मध्यप्रदेश में पहली बार सोशल स्टॉक एक्सचेंज के जरिए फंड जुटाकर युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना के तहत 600 युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
नौकरी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Freepik
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विस्तार
मध्य प्रदेश में पहली बार सोशल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सामाजिक महत्व के एक प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाया जाएगा। इस पहल के तहत प्रदेश के युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस योजना को लेकर नाबार्ड (NARBD) ने रुचि जाहिर की है, जबकि नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) इस प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभाएगा। सूत्रों के अनुसार सोशल स्टॉक एक्सजेंज के माध्यम से राशि देने के लिए नार्बाड समेत कुछ अन्य कंपनियों ने इच्छा जताई है। हालांकि अभी शासन से अनुमति मिलने के बाद स्टॉक एक्सजेंज पर फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रदेश में यह पहला अवसर होगा जब सोशल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से किसी सामाजिक उद्देश्य वाले प्रोजेक्ट के लिए निवेशकों से राशि जुटाई जाएगी। इससे पहले दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में इस तरह के प्रयोग सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। यह पहल युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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600 युवाओं को जापान और जर्मनी के लिए विशेष प्रशिक्षण
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश के 600 युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा। चयनित युवाओं को भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण अवधि के दौरान हॉस्टल, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह मध्य प्रदेश में इस तरह का पहला प्रयोग होगा। जल्द ही फंड जुटाने और प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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नौकरी मिलने पर ही सरकार देगी प्रशिक्षण शुल्क
इस योजना की खास बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार प्रशिक्षण का भुगतान तभी करेगी जब संबंधित युवा की विदेश में नौकरी प्राप्त कर लेगा। प्रति चयनित युवा एक लाख से सवा लाख रुपये तक का प्रशिक्षण शुल्क प्रदेश सरकार द्वारा NSDC को दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुल लागत में से 15 प्रतिशत राशि सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के माध्यम से, 15 प्रतिशत राशि लाभार्थियों के अंशदान से और शेष राशि NSDC द्वारा जुटाई जाएगी।
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ऐसे होगा चयन और प्रशिक्षण
युवाओं का चयन रजिस्ट्रेशन के बाद मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस योजना के लिए 12वीं पास एवं आईटीआई उत्तीर्ण ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के युवा पात्र होंगे। उन्हें नर्सिंग, सिविल कंस्ट्रक्शन, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जापान में नौकरी के लिए 6 माह और जर्मनी में नौकरी के लिए 9 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में संबंधित देश की भाषा, कार्यसंस्कृति, सामाजिक परिवेश और रोजगार से जुड़ी आवश्यक जानकारी शामिल होगी।
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600 युवाओं को जापान और जर्मनी के लिए विशेष प्रशिक्षण
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश के 600 युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा। चयनित युवाओं को भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण अवधि के दौरान हॉस्टल, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह मध्य प्रदेश में इस तरह का पहला प्रयोग होगा। जल्द ही फंड जुटाने और प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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नौकरी मिलने पर ही सरकार देगी प्रशिक्षण शुल्क
इस योजना की खास बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार प्रशिक्षण का भुगतान तभी करेगी जब संबंधित युवा की विदेश में नौकरी प्राप्त कर लेगा। प्रति चयनित युवा एक लाख से सवा लाख रुपये तक का प्रशिक्षण शुल्क प्रदेश सरकार द्वारा NSDC को दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुल लागत में से 15 प्रतिशत राशि सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के माध्यम से, 15 प्रतिशत राशि लाभार्थियों के अंशदान से और शेष राशि NSDC द्वारा जुटाई जाएगी।
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युवाओं का चयन रजिस्ट्रेशन के बाद मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस योजना के लिए 12वीं पास एवं आईटीआई उत्तीर्ण ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के युवा पात्र होंगे। उन्हें नर्सिंग, सिविल कंस्ट्रक्शन, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जापान में नौकरी के लिए 6 माह और जर्मनी में नौकरी के लिए 9 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में संबंधित देश की भाषा, कार्यसंस्कृति, सामाजिक परिवेश और रोजगार से जुड़ी आवश्यक जानकारी शामिल होगी।
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