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MP News: राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में सीएम डॉ. यादव के वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश
Mon, 16 Feb 2026 07:38 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 16 Feb 2026 07:38 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में वन्य जीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के फैसले लिए गए। सरकार ने मानव-वन्य जीव संतुलन, अनुभूति कार्यक्रम के विस्तार और अन्य राज्यों से वन्य जीव आदान-प्रदान पर जोर दिया।
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राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में सीएम डॉ. यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्य प्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 31 वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में वन्य जीव संरक्षण, पर्यटन और मानव-वन्य जीव सहअस्तित्व को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में लोगों को जागरूक कर मानव और वन्य जीवों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने वन और पर्यटन विभाग को समन्वय बनाकर वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली बच्चों को जंगल और वन्य जीवों से परिचित कराने के लिए चलाए जा रहे ‘अनुभूति कार्यक्रम’ का विस्तार किया जाए और अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को भी वन्य जीवों के अध्ययन में शामिल करने की बात कही गई।
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अन्य राज्यों से वन्य जीवों का आदान-प्रदान
बैठक में बताया गया कि प्रदेश से अन्य राज्यों को वन्य जीव उपलब्ध कराए जा रहे हैं और बदले में वहां से भी वन्य जीव लाए जाएंगे, जिससे जैव विविधता बढ़ेगी। जानकारी दी गई कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान, गांधी सागर अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 846 कृष्णमृग और 67 नीलगायों का पुनर्स्थापन किया गया है। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से 6 मगरमच्छों को ओंकारेश्वर क्षेत्र में छोड़ा गया। पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन राजस्थान भेजी गई है।
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असम से किंग कोबरा लाने की योजना
वहीं, असम से जंगली भैंस, गैंडा और किंग कोबरा लाने तथा मध्य प्रदेश से बाघ, मगरमच्छ और गौर भेजने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नामीबियाई चीता ‘आशा’ ने दूसरी बार पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो लोगों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही सांपों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई।
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संरक्षित क्षेत्रों के प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में बगदरा अभयारण्य, संजय टाइगर रिजर्व (सीधी), पन्ना टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्र में स्थित पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए वन और पुरातत्व विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया जाए। बैठक में वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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अन्य राज्यों से वन्य जीवों का आदान-प्रदान
बैठक में बताया गया कि प्रदेश से अन्य राज्यों को वन्य जीव उपलब्ध कराए जा रहे हैं और बदले में वहां से भी वन्य जीव लाए जाएंगे, जिससे जैव विविधता बढ़ेगी। जानकारी दी गई कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान, गांधी सागर अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 846 कृष्णमृग और 67 नीलगायों का पुनर्स्थापन किया गया है। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से 6 मगरमच्छों को ओंकारेश्वर क्षेत्र में छोड़ा गया। पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन राजस्थान भेजी गई है।
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असम से किंग कोबरा लाने की योजना
वहीं, असम से जंगली भैंस, गैंडा और किंग कोबरा लाने तथा मध्य प्रदेश से बाघ, मगरमच्छ और गौर भेजने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नामीबियाई चीता ‘आशा’ ने दूसरी बार पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो लोगों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही सांपों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई।
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संरक्षित क्षेत्रों के प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में बगदरा अभयारण्य, संजय टाइगर रिजर्व (सीधी), पन्ना टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्र में स्थित पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के लिए वन और पुरातत्व विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया जाए। बैठक में वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
