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MP News: PM नरेंद्र मोदी ने जाना क्या है विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, क्यों इस पर इतना जोर देते हैं सीएम मोहन यादव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Wed, 29 Apr 2026 01:34 PM IST
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सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा तैयार कराई गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी देशभर में चर्चा का केंद्र बन गई है। यह घड़ी पारंपरिक भारतीय वैदिक कालगणना पर आधारित है और समय के साथ पंचांग, मुहूर्त व ग्रहों की स्थिति की भी जानकारी देती है।

MP News: PM Narendra Modi learns what Vikramaditya Vedic clock is and why CM Mohan Yadav places so much emphas
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की जानकारी लेते पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुख्यमंत्री मोहन यादव का सपना विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आम जनता तक इस वैदिक घड़ी के आकर्षण से बंध चुके हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ परिसर में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। मध्यप्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुआ विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का सफर देश के अन्य तीर्थ स्थलों से भी गुजर रहा है। इस वैदिक घड़ी की खासियत है कि यह समय तो बताती ही है, साथ ही सूर्योदय, मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और पंचांग की जानकारी भी देती है। 
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बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घड़ी को देखते ही इसकी पूर्ण जानकारी ली। इसको न केवल पास से देखा, बल्कि इसकी कार्यप्रणाली भी समझी। इस घड़ी को कुछ महीने पहले ही काशी विश्वनाथ मंदिर के परिसर में स्थापित किया गया है। यह वैदिक घड़ी इसी महीने की 3 तारीख को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी। ठीक अगल दिन इसे काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित कर दिया गया था। 
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सूर्योदय से सूर्योदय के समय पर आधारित
काशी विश्वनाथ से पहले यह वैदिक घड़ी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित हो चुकी है। भारत की प्राचीन वैदिक कालगणना इस विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का आधार है। इसे उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के विद्वानों ने तैयार किया है। इसका समय बताने की तरीका पूरी तरह अलग है। यह घंटे-मिनट पर नहीं, बल्कि  सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 में उज्जैन में लोकार्पित किया था। 

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प्राइम मेरिडियन के लिए शोध पर जोर 
सीएम उज्जैन को प्राइम मेरिडियन के रूप में स्थापित करने के लिए शोध और काम करने पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि ग्रीनविच मीन टाइम यानी जीएमटी पश्चिमी संस्कृति द्वारा थोपा गया है। जीएमटी सूर्यास्त-सूर्योदय के बजाय आधी रात को दिन की शुरुआत मानता है। यह गणना गलत है। बता दें, उज्जैन में कर्क रेखा पर स्थित होने के कारण इसे वैज्ञानिक और खगोलीय रूप से सटीक माना जाता है।
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