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MP News: पेसा मोबिलाइजर्स की सेवा समाप्ति पर गरमाई सियासत, उमंग सिंघार बोले-हजारों परिवारों का भविष्य संकट में
Wed, 20 May 2026 07:33 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 20 May 2026 07:33 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं खत्म करने पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हजारों कर्मचारियों की नौकरी जाने से आदिवासी क्षेत्रों में काम प्रभावित होगा और कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ग्राम पंचायतों में कार्यरत पेसा प्रेरकों की सेवाएं लगातार जारी रखने की मांग की है।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं खत्म किए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होने ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर ग्राम पंचायतों में कार्यरत पेसा प्रेरकों की सेवाएं लगातार जारी रखने की मांग की है। सिंघार ने कहा कि पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम यानी पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में हजारों प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन अब राज्य सरकार ने बजट का हवाला देकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इससे आदिवासी इलाकों में सरकारी योजनाओं का काम प्रभावित होगा।
एक झटके में खत्म कर दी हजारों की नौकरी
नेता प्रतिपक्ष ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि सरकार ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हजारों मोबिलाइजर्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कहा कि यही कर्मचारी गांव-गांव जाकर लोगों के सरकारी योजनाओं से जुड़े फॉर्म भरवाते थे और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच कड़ी का काम करते थे। सिंघार ने कहा कि कई लोगों ने नौकरी के भरोसे कर्ज लिया, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य के सपने देखे, लेकिन सरकार ने एक फैसले से हजारों परिवारों को संकट में धकेल दिया।
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सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन कर्मचारियों की जगह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों की भर्ती करना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर इन मोबिलाइजर्स को वापस लिया जाएगा या नहीं।
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शिवराज सरकार में हुई थी नियुक्ति
पत्र में सिंघार ने उल्लेख किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में पेसा प्रेरकों की नियुक्ति हुई थी और 15 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ भी किया गया था। उन्होंने कहा कि करीब 5 हजार प्रेरकों के हित और पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को देखते हुए सरकार को तुरंत ठोस फैसला लेना चाहिए।
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एक झटके में खत्म कर दी हजारों की नौकरी
नेता प्रतिपक्ष ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि सरकार ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हजारों मोबिलाइजर्स को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कहा कि यही कर्मचारी गांव-गांव जाकर लोगों के सरकारी योजनाओं से जुड़े फॉर्म भरवाते थे और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच कड़ी का काम करते थे। सिंघार ने कहा कि कई लोगों ने नौकरी के भरोसे कर्ज लिया, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य के सपने देखे, लेकिन सरकार ने एक फैसले से हजारों परिवारों को संकट में धकेल दिया।
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सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन कर्मचारियों की जगह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों की भर्ती करना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर इन मोबिलाइजर्स को वापस लिया जाएगा या नहीं।
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शिवराज सरकार में हुई थी नियुक्ति
पत्र में सिंघार ने उल्लेख किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में पेसा प्रेरकों की नियुक्ति हुई थी और 15 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ भी किया गया था। उन्होंने कहा कि करीब 5 हजार प्रेरकों के हित और पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को देखते हुए सरकार को तुरंत ठोस फैसला लेना चाहिए।
