MP: टूट गए पुराने रिकॉर्ड, गेहूं खरीदी में मध्यप्रदेश ने रचा इतिहास, 13 लाख से ज्यादा किसानों से खरीदा अनाज
मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 10 हजार किसानों से करीब 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जिससे राज्य पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कोविड काल को छोड़कर पिछले 10 वर्षों में यह सबसे बड़ी खरीदी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के मामले में इस बार देशभर में नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश में अब तक 13 लाख 10 हजार किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। वहीं करीब 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी के साथ मध्यप्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में अभी भी गेहूं खरीदी का कार्य जारी है।
पिछले 10 वर्षों में सबसे ज्यादा गेहूं खरीदी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कोविड काल को छोड़कर पिछले 10 वर्षों में इस बार सबसे ज्यादा गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव कर रहे लगातार मॉनिटरिंग
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों से केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया। मुख्यमंत्री स्वयं गेहूं खरीदी व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कई खरीदी केंद्रों का निरीक्षण भी किया और किसानों से बातचीत कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
ये भी पढ़ें- पीयूष गोयल का दावा: भोपाल से स्विट्जरलैंड पहुंची फ्लेवर्ड आइस्ड टी की पहली खेप, एमएसएमई को मिली वैश्विक पहचान
किसानों की सुविधा के लिए बढ़ाई गई अंतिम तिथि
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिन किसानों ने स्लॉट बुक करा लिए हैं, उनके लिए गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी है।
किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान
प्रदेश सरकार द्वारा अब तक किसानों को 20 हजार 680 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। इसमें 2585 रुपये समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस शामिल है।
खरीदी केंद्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएं
सरकार की ओर से खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए गए हैं। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। इसके अलावा तौल पर्ची बनाने का समय रात 10 बजे तक और भुगतान प्रक्रिया रात 12 बजे तक बढ़ाई गई है। खरीदी सप्ताह में छह दिन की जा रही है।
किसानों के लिए पानी, छाया और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था
खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पीने के पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था, बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और गुणवत्ता जांच उपकरण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
