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MP News: आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी, गलत पैकेज और धोखा देकर लिया आर्थिक लाभ, दो अस्पतालों पर गिरी गाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 13 Mar 2026 09:24 AM IST
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सार
आयुष्मान भारत योजना ‘निरामयम्’ योजना में गड़बड़ी सामने आने पर मोहन यादव के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जबलपुर और ग्वालियर के दो अस्पतालों को अनियमितताओं के चलते योजना से निलंबित कर दिया गया है।
आयुष्मान कार्ड
- फोटो : अमर उजाला/एजेंसी
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विस्तार
आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। अनियमितताओं और धोखाधड़ी लेकर प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर के दो अस्पताल को आयुष्मान योजना से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई थर्ड पार्टी ऑडिट एजेंसी (TPAA) की जांच रिपोर्ट और पूर्व में प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी योजना अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के क्लेमों की नियमित समीक्षा कर रही है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने जबलपुर स्थित लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल के क्लेमों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं पाईं। इस जांच में पाया गया कि मरीजों को गलत श्रेणी में भर्ती करना, गलत पैकेज लगाना तथा धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ लेने जैसे मामले सामने आए हैं। अस्पताल के विरुद्ध पूर्व में भी इसी प्रकार की अनियमितताओं के कारण 46 लाख 99 हजार 990 की आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। बार-बार चेतावनी के बावजूद अनियमितताएं दोहराए जाने पर जनहित में अस्पताल को आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
ये भी पढ़ें- MP News: सीएम मोहन यादव बोले- मध्य प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं, निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी
पहले भी हो चुकी कार्रवाई
इसी प्रकार ग्वालियर स्थित ब्रह्माणी हॉस्पिटल के क्लेमों की जांच में भी गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। परीक्षण के दौरान यह सामने आया कि मरीजों को गंभीर दिखाकर अनावश्यक आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया, क्लेम गलत तरीके से प्रस्तुत किए गए तथा धोखाधड़ी के मामले पाए गए। अस्पताल के विरुद्ध पूर्व में भी कार्रवाई करते हुए 21 लाख 08 हजार 300 का अर्थदंड लगाया जा चुका है। बार-बार चेतावनी के बावजूद अनियमितताएं जारी रहने पर उक्त अस्पताल को भी आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
ये भी पढ़ें- MP News: लाडली बहनों को कल मिलेगी 34वीं किस्त, ग्वालियर में आयोजित सम्मेलन से सीएम अंतरित करेंगे राशि
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बता दें, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित दोनों अस्पतालों के विरुद्ध आगे की सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें योजना से असंबद्ध करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि दोनों अस्पतालों के पास किसी भी प्रकार का एनएबीच एक्रेडिशन सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं पाया गया है। इसे गंभीर अनियमितता माना गया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की निगरानी लगातार जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने जबलपुर स्थित लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल के क्लेमों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं पाईं। इस जांच में पाया गया कि मरीजों को गलत श्रेणी में भर्ती करना, गलत पैकेज लगाना तथा धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ लेने जैसे मामले सामने आए हैं। अस्पताल के विरुद्ध पूर्व में भी इसी प्रकार की अनियमितताओं के कारण 46 लाख 99 हजार 990 की आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। बार-बार चेतावनी के बावजूद अनियमितताएं दोहराए जाने पर जनहित में अस्पताल को आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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पहले भी हो चुकी कार्रवाई
इसी प्रकार ग्वालियर स्थित ब्रह्माणी हॉस्पिटल के क्लेमों की जांच में भी गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। परीक्षण के दौरान यह सामने आया कि मरीजों को गंभीर दिखाकर अनावश्यक आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया, क्लेम गलत तरीके से प्रस्तुत किए गए तथा धोखाधड़ी के मामले पाए गए। अस्पताल के विरुद्ध पूर्व में भी कार्रवाई करते हुए 21 लाख 08 हजार 300 का अर्थदंड लगाया जा चुका है। बार-बार चेतावनी के बावजूद अनियमितताएं जारी रहने पर उक्त अस्पताल को भी आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बता दें, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित दोनों अस्पतालों के विरुद्ध आगे की सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें योजना से असंबद्ध करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि दोनों अस्पतालों के पास किसी भी प्रकार का एनएबीच एक्रेडिशन सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं पाया गया है। इसे गंभीर अनियमितता माना गया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की निगरानी लगातार जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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