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MP Police: 374 इंस्पेक्टर बने स्थायी डीएसपी, पदोन्नत न होने वालों से भी नहीं छिनेगा कार्यवाहक प्रभार; जानें
Tue, 14 Jul 2026 04:24 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 14 Jul 2026 04:24 PM IST
सार
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया। प्रदेश के 265 पुलिस निरीक्षकों को डीएसपी पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (एएसपी) के तबादले भी किए गए हैं।
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एमपी पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के पुलिस महकमे से अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। गृह विभाग के निर्णय के अनुसार, वर्तमान में कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) का प्रभार संभाल रहे जो अधिकारी किसी कारणवश स्थायी रूप से पदोन्नत नहीं हो पाएंगे, उनसे भी कार्यवाहक डीएसपी का प्रभार वापस नहीं लिया जाएगा। वे अपने वर्तमान प्रभार पर बने रहेंगे।
गृह विभाग के इस फैसले के बाद पुलिस मुख्यालय के प्रशासन शाखा ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह फॉर्मूला निचले संवर्ग के कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा, यानी आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से एएसआई, एएसआई से उप निरीक्षक और उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर जो पदोन्नत नहीं हो पाएंगे और वर्तमानमें कार्यवाहक के तौर पर पद संभाल रहे हैं तो उनसे भी उच्च पद के कार्यवाहक का प्रभार वापस नहीं लिया जाएगा।
गृह विभाग के इस आदेश से हजारों पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिली है। आदेश के मुताबिक, उच्च पद का प्रभार पाने वाले अधिकारी और कर्मचारी वेतन व अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए दावा नहीं कर सकेंगे, लेकिन उनका यह प्रभार निरंतर जारी रहेगा। विभाग के इस आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने 374 निरीक्षकों (इंस्पेक्टरों) को स्थायी तौर पर डीएसपी बनाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
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एसीआर खराब होने पर भी नहीं छिनेगा पद
गृह विभाग ने वर्ष 2021 तक की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) और अन्य पात्रता मापदंडों के आधार पर अधिकारियों को कार्यवाहक का प्रभार सौंपा था। तब से लेकर अब तक यदि किसी अधिकारी की सीआर खराब हुई या वे अन्य कारणों से अपात्र हुए, तो नए पदोन्नति नियमों के तहत उन्हें स्थायी पदोन्नति नहीं दी जानी थी। ऐसी स्थिति में पहले उनसे कार्यवाहक प्रभार छिन जाता और वे वापस अपने मूल पद यानी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पर आ जाते। परंतु, सरकार के इस नए फैसले से अब ऐसा नहीं होगा और उनका कार्यवाहक प्रभार सुरक्षित रहेगा।
25 हजार पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की तैयारी, प्रतिनियुक्ति वालों को भी लाभ
पुलिस महकमे में पदोन्नति की प्रक्रिया अन्य विभागों की तुलना में थोड़ी धीमी जरूर चल रही है, जिसके चलते आरक्षक से लेकर टीआई तक के हजारों कर्मचारी आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी और पुलिस महकमे में करीब 25 हजार अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति की जाएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने जिलों से सहायक उप निरीक्षकों एएसआई की गोपनीय चरित्रावली भी मंगवा ली है।
दूसरे जिलों में पदस्थ अधिकारियों को भी मिली राहत
इस प्रक्रिया में एक और राहत की बात यह है कि जो अधिकारी या कर्मचारी दूसरे जिले में पदस्थ हैं या किसी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर हैं, उन्हें पदोन्नति के लिए मूल इकाई में वापस नहीं बुलाया जाएगा। वे जहां कार्यरत हैं, वहीं रहते हुए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और पात्रता के अनुसार उन्हें पदोन्नति का लाभ दे दिया जाएगा।
12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस को लेकर गृह विभाग आदेश किया गया है। आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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गृह विभाग के इस फैसले के बाद पुलिस मुख्यालय के प्रशासन शाखा ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह फॉर्मूला निचले संवर्ग के कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा, यानी आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से एएसआई, एएसआई से उप निरीक्षक और उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर जो पदोन्नत नहीं हो पाएंगे और वर्तमानमें कार्यवाहक के तौर पर पद संभाल रहे हैं तो उनसे भी उच्च पद के कार्यवाहक का प्रभार वापस नहीं लिया जाएगा।
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गृह विभाग के इस आदेश से हजारों पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिली है। आदेश के मुताबिक, उच्च पद का प्रभार पाने वाले अधिकारी और कर्मचारी वेतन व अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए दावा नहीं कर सकेंगे, लेकिन उनका यह प्रभार निरंतर जारी रहेगा। विभाग के इस आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने 374 निरीक्षकों (इंस्पेक्टरों) को स्थायी तौर पर डीएसपी बनाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
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एसीआर खराब होने पर भी नहीं छिनेगा पद
गृह विभाग ने वर्ष 2021 तक की वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) और अन्य पात्रता मापदंडों के आधार पर अधिकारियों को कार्यवाहक का प्रभार सौंपा था। तब से लेकर अब तक यदि किसी अधिकारी की सीआर खराब हुई या वे अन्य कारणों से अपात्र हुए, तो नए पदोन्नति नियमों के तहत उन्हें स्थायी पदोन्नति नहीं दी जानी थी। ऐसी स्थिति में पहले उनसे कार्यवाहक प्रभार छिन जाता और वे वापस अपने मूल पद यानी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पर आ जाते। परंतु, सरकार के इस नए फैसले से अब ऐसा नहीं होगा और उनका कार्यवाहक प्रभार सुरक्षित रहेगा।
25 हजार पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की तैयारी, प्रतिनियुक्ति वालों को भी लाभ
पुलिस महकमे में पदोन्नति की प्रक्रिया अन्य विभागों की तुलना में थोड़ी धीमी जरूर चल रही है, जिसके चलते आरक्षक से लेकर टीआई तक के हजारों कर्मचारी आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी और पुलिस महकमे में करीब 25 हजार अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति की जाएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने जिलों से सहायक उप निरीक्षकों एएसआई की गोपनीय चरित्रावली भी मंगवा ली है।
दूसरे जिलों में पदस्थ अधिकारियों को भी मिली राहत
इस प्रक्रिया में एक और राहत की बात यह है कि जो अधिकारी या कर्मचारी दूसरे जिले में पदस्थ हैं या किसी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर हैं, उन्हें पदोन्नति के लिए मूल इकाई में वापस नहीं बुलाया जाएगा। वे जहां कार्यरत हैं, वहीं रहते हुए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और पात्रता के अनुसार उन्हें पदोन्नति का लाभ दे दिया जाएगा।
12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस को लेकर गृह विभाग आदेश किया गया है। आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
| क्र. | अधिकारी का नाम | वर्तमान पदस्थापना | नवीन पदस्थापना |
|---|---|---|---|
| 1. | श्री रामदास प्रजापति, डीजी-1998 | सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला शिवपुरी |
| 2. | श्री मुकेश वैश्य, डीजी-1998 | उप सेनानी, 06वीं वाहिनी, विसबल, जबलपुर | पुलिस अधीक्षक, पीटीएस, रीवा |
| 3. | श्री प्रशांत चौबे, डीजी-2002 | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला विदिशा | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला सीहोर |
| 4. | श्री आकाश भूरिया, डीजी-2006 | जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, उज्जैन | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला उज्जैन |
| 5. | डॉ. संजीव कुमार उइके, डीजी-2006 | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला शिवपुरी | सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिदेशक, जबलपुर |
| 6. | श्री आशुतोष मिश्रा, निरी.-2013 | उप सेनानी, 6वीं वाहिनी विसबल, जबलपुर | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर |
| 7. | श्री संजीव मुले, निरी.-2013 | सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिदेशक, नर्मदापुरम | सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिदेशक, इंदौर देहात |
| 8. | श्रीमती कमला रावत, सीसी-2013 | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बैंड, भोपाल | उप सेनानी, एस.आई.एस.एफ. द्वितीय वाहिनी, सिंगरौली |
| 9. | श्री नरेश बाबू अरोरिया, र.निरी.-2013 | अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, यातायात, नगरीय पुलिस, इंदौर | सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिदेशक, विसबल, ग्वालियर |
| 10. | श्रीमती भावना मरावी, डीजी-2014 | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला रीवा |
| 11. | श्रीमती मोनिका तिवारी, डीजी-2014 | उप सेनानी, 06वीं वाहिनी विसबल, जबलपुर | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला विदिशा |
| 12. | श्री हेमंत चौहान, डीजी-2014 | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला रीवा | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीएस इंदौर |
