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MP: एमपी को मूंग खरीद का 87% कोटा, अब तक सिर्फ 2% खरीदी; केंद्र बोला- पहले मंजूर मात्रा पूरी करें

Mon, 27 Jul 2026 09:37 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 27 Jul 2026 09:37 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में मूंग खरीद का कोटा बढ़ाने की मांग पर केंद्र ने राज्य सरकार को जवाब दिया है। केंद्र के मुताबिक, देशभर में मंजूर कुल मूंग खरीद का 87% हिस्सा पहले ही मध्य प्रदेश को दिया गया है। 16 जुलाई तक सिर्फ 2% ही मूंग खरीदी हुई है। केंद्र ने कहा कि प्रदेश पहले अपने कोटे की खरीद को पूरा करें।  

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MP: State receives 87% of the national quota for moong procurement; Centre responds to state's request by aski
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज और सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में मूंग की खरीद सीमा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने आ गई है। प्रदेश की मंग खरीद की सीमा बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने अपना जवाब दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मुताबिक, ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 में देशभर में मूंग खरीद के लिए मंजूर कुल 5.23 लाख मीट्रिक टन मात्रा में से अकेले मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन से अधिक की मंजूरी दी गई है। यानी राष्ट्रीय स्तर पर मंजूर मात्रा का करीब 87 फीसदी हिस्सा मध्य प्रदेश के खाते में आया है। केंद्र ने इसे अब तक प्रदेश को मिली सबसे बड़ी मूंग खरीद मंजूरी बताया है। साथ ही राज्य सरकार से कहा है कि पहले से मंजूर मात्रा की खरीद तेजी से पूरी कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सके। 
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16 जुलाई तक सिर्फ 2% मूंग खरीदी
केंद्र को मिले आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश में 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की ही खरीद हो पाई है। इसमें करीब 12 हजार किसान शामिल हैं। यह मात्रा प्रदेश के लिए मंजूर कुल खरीद सीमा का लगभग 2 फीसदी ही है। केंद्र ने इसी आंकड़े का हवाला देते हुए कहा है कि पहले मौजूदा स्वीकृत सीमा के तहत खरीद पूरी कराई जाए। मंत्रालय के मुताबिक, स्वीकृत मात्रा पूरी होने के बाद यदि अतिरिक्त खरीद की जरूरत रहती है तो नियमों के तहत राज्य के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। 
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पिछले साल 3.93 लाख टन मूंग खरीदी गई थी
केंद्र के अनुसार, ग्रीष्मकालीन सीजन 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी गई थी। इसके मुकाबले 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हुई। इस खरीद का एमएसपी मूल्य करीब 3,413.10 करोड़ रुपये रहा और 1,22,776 किसानों को इसका लाभ मिला। 


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सोयाबीन में भी भावांतर योजना का लाभ
केंद्र ने मूंग के साथ सोयाबीन को लेकर भी मध्य प्रदेश को मिली मदद का जिक्र किया है। वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना (PDPS) के तहत प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की मंजूरी दी गई। इसके लिए केंद्र की ओर से 1,093.13 करोड़ रुपये जारी किए गए। केंद्र के अनुसार, योजना का लाभ 7,10,257 किसानों को मिला है। 

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तूर, उड़द और मसूर की 100% खरीद का प्रावधान
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने बताया कि PM-AASHA के तहत तूर, उड़द और मसूर की 100 फीसदी खरीद का प्रावधान है। वहीं, अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 फीसदी तक की जा सकती है। मंत्रालय के अनुसार, खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में MSP का सुरक्षा कवच देना है। 

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गेहूं-धान के साथ दलहन और तिलहन पर भी जोर
केंद्र सरकार का कहना है कि एमएसपी व्यवस्था को केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। दलहन और तिलहन किसानों को भी उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए खरीद और भावांतर जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सहयोग दिया जा रहा है। केंद्र ने कहा है कि किसानों के हित में मध्य प्रदेश सरकार को जरूरी सहयोग जारी रहेगा। फिलहाल राज्य के सामने पहले से मंजूर 4.54 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग खरीद को पूरा कराने की चुनौती है। इसके बाद अतिरिक्त कोटे की जरूरत पड़ने पर केंद्र नियमों के तहत उस पर विचार करेगा।
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