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Bhopal: रिजल्ट आया, चयन हुआ... फिर भी नहीं मिली नौकरी, 5 महीने से नियुक्ति का इंतजार कर रहे 2200 चयनित शिक्षक
Tue, 28 Jul 2026 02:06 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:06 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग में हजारों शिक्षकों पद खाली होने के बावजूद 2200 चयनित प्राथमिक शिक्षक पिछले 5 महीने से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
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जनजातीय कार्य विभाग की स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सभी स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत हो गई है। कक्षाएं शुरू हो गई है, लेकिन मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। करीब 2200 चयनित प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के इंतजार में हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम घोषित हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक दस्तावेज सत्यापन तक शुरू नहीं हुआ। दरअसल, प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2024 में आयोजित हुई थी। इसके बाद चयन परीक्षा 2025 में संपन्न हुई और 27 फरवरी 2026 को परिणाम घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद जनजातीय कार्य विभाग ने अब तक नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक साल से अधिक समय से वे नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन हर बार केवल इंतजार ही हाथ लग रहा है।
16 हजार पद खाली, फिर भी भर्ती अटकी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस विभाग में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनजातीय कार्य विभाग में करीब 16 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनमें करीब 10 हजार प्राथमिक शिक्षक और करीब 6 हजार माध्यमिक शिक्षक के पद शामिल हैं। इसके बावजूद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल रही।
2900 पद निकले, 2200 का चयन, फिर भी जॉइनिंग नहीं
विभाग ने 2900 प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती निकाली थी। इनमें करीब 2200 अभ्यर्थियों का चयन भी हो चुका है, लेकिन पांच महीने बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन के बाद भी बेरोजगार बने रहना उनके लिए सबसे बड़ी विडंबना है।
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यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी, 8 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, अब भी 17% कम बरसा मानसून
बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षाएं लग रही हैं। लेकिन शिक्षकों के हजारों पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, चयनित अभ्यर्थी नौकरी मिलने के बाद भी घर बैठने को मजबूर हैं। चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार और जनजातीय कार्य विभाग से मांग की है कि दस्तावेज सत्यापन, काउंसिलिंग और नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, ताकि चयनित शिक्षकों को जल्द स्कूलों में पदस्थ किया जा सके और शिक्षकों की कमी भी दूर हो सके।
यह भी पढ़ें-ई-केवाईसी बनी रसोई गैस की नई अड़चन, भोपाल में 15% उपभोक्ताओं की सिलेंडर सप्लाई ठप
भर्ती प्रक्रिया जारी, जल्द मिलेगी जॉइनिंग
जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरूण राठी ने कहा कि विभाग में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है। चयनित अभ्यर्थियों को जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि जॉइनिंग प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। आयुक्त ने यह भी कहा कि वह संबंधित अधिकारियों से दोबारा चर्चा करेंगे, ताकि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर चयनित शिक्षकों को शीघ्र नियुक्ति दी जा सके।
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16 हजार पद खाली, फिर भी भर्ती अटकी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस विभाग में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनजातीय कार्य विभाग में करीब 16 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनमें करीब 10 हजार प्राथमिक शिक्षक और करीब 6 हजार माध्यमिक शिक्षक के पद शामिल हैं। इसके बावजूद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल रही।
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2900 पद निकले, 2200 का चयन, फिर भी जॉइनिंग नहीं
विभाग ने 2900 प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती निकाली थी। इनमें करीब 2200 अभ्यर्थियों का चयन भी हो चुका है, लेकिन पांच महीने बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन के बाद भी बेरोजगार बने रहना उनके लिए सबसे बड़ी विडंबना है।
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बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षाएं लग रही हैं। लेकिन शिक्षकों के हजारों पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, चयनित अभ्यर्थी नौकरी मिलने के बाद भी घर बैठने को मजबूर हैं। चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार और जनजातीय कार्य विभाग से मांग की है कि दस्तावेज सत्यापन, काउंसिलिंग और नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, ताकि चयनित शिक्षकों को जल्द स्कूलों में पदस्थ किया जा सके और शिक्षकों की कमी भी दूर हो सके।
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भर्ती प्रक्रिया जारी, जल्द मिलेगी जॉइनिंग
जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरूण राठी ने कहा कि विभाग में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है। चयनित अभ्यर्थियों को जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि जॉइनिंग प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। आयुक्त ने यह भी कहा कि वह संबंधित अधिकारियों से दोबारा चर्चा करेंगे, ताकि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर चयनित शिक्षकों को शीघ्र नियुक्ति दी जा सके।
