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MP: सीएम के निर्देश पर पेयजल संकट से निपटने की युद्धस्तरीय तैयारी, अधिकारियों की छुट्टियां एक माह तक रद्द

Sun, 24 May 2026 07:34 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sabahat Husain Updated Sun, 24 May 2026 07:34 PM IST
सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में पेयजल संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। अधिकारियों की एक माह की छुट्टियां रद्द कर दी गईं, हर जिले में कंट्रोल रूम बनेंगे और पेयजल व्यवस्था की रोज निगरानी होगी।

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MP: War-Footing Preparations to Tackle Drinking Water Crisis on CM Directives Officials Leave news in hindi
सीएम डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गर्मी के मौसम में बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव ने सभी संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ, पीएचई और नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक कर जरूरी निर्देश दिए।

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बैठक में प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि पेयजल संकट से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाए। इसके तहत नगरीय निकायों और पीएचई विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की आगामी एक माह तक छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

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सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखें। प्रदेश के हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जहां रोजाना पेयजल व्यवस्था की मॉनिटरिंग होगी।

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जनप्रतिनिधियों और मीडिया से मिलने वाले फीडबैक पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। शहरी क्षेत्रों में पानी के टैंकरों की सप्लाई पारदर्शी तरीके से मॉनिटर की जाएगी। सभी क्षेत्रों में पानी की टंकियों को समान रूप से भरने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव न हो।

ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये जारी किए हैं। पंचायतों को पेयजल संबंधी 10 हजार रुपये तक के कार्य सरल प्रक्रिया के तहत तत्काल कराने के अधिकार भी दिए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के एसओआर में पेयजल संबंधी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। ऊर्जा विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि जल प्रदाय योजनाओं के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि कहीं भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।

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