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अब CG पहुंचने में सिर्फ आठ घंटे: MP के इन आठ जिलों से गुजरेगा 15 हजार करोड़ का नया एक्सप्रेस-वे, क्या है खास?
Tue, 11 Aug 2026 03:06 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Tue, 11 Aug 2026 03:06 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल-रायपुर संपर्क को बेहतर बनाने के लिए जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा सिक्स-लेन परियोजना को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से भोपाल-रायपुर यात्रा का समय 14-15 घंटे से घटकर करीब छह-सात घंटे रह जाएगा।
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जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा सिक्स-लेन परियोजना को हरी झंडी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल से रायपुर के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा सिक्स-लेन मार्ग परियोजना को हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार ने इन दोनों परियोजनाओं के लिए 15000 सौ करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस नए अंतरराज्यीय गलियारे के बनने से भोपाल से रायपुर के बीच 14 से 15 घंटे में पूरा होने वाला सफर अब केवल छह से सात घंटे में सिमट जाएगा।
यात्रा के समय और दूरी में कटौती
इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। वर्तमान में भोपाल से जबलपुर की दूरी 320 किलोमीटर है, जो इस ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण के बाद घटकर 255 किलोमीटर रह जाएगी। इसके चलते दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय छह से सात घंटे से कम होकर ढाई से तीन घंटे रह जाएगा। इसके अलावा जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक चिल्पी घाट के रास्ते छह-लेन सड़क सुधार के लिए 2,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे जबलपुर और रायपुर के बीच का सफर भी सात से आठ घंटे के बजाय साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा होगा।
ये भी पढ़ें- छिंदवाड़ा में बड़ा विमान हादसा टला: टेकऑफ से ठीक पहले प्लेन के इंजन में आई खराबी, नकुलनाथ-हरीश चौधरी सुरक्षित
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व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
यह महा-कॉरिडोर दोनों राज्यों के प्रमुख व्यापारिक मार्गों को सीधे जोड़ेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, दमोह, सागर, डिंडोरी और मंडला के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा जैसे शहरों को इस परियोजना का सीधा लाभ पहुंचेगा। राज्य सरकार की 5,500 करोड़ रुपये की टाइगर कॉरिडोर योजना के तहत यह मार्ग कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों को भी आपस में जोड़ेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए इन मुख्य अभ्यारण्यों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
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यात्रा के समय और दूरी में कटौती
इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। वर्तमान में भोपाल से जबलपुर की दूरी 320 किलोमीटर है, जो इस ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण के बाद घटकर 255 किलोमीटर रह जाएगी। इसके चलते दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय छह से सात घंटे से कम होकर ढाई से तीन घंटे रह जाएगा। इसके अलावा जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक चिल्पी घाट के रास्ते छह-लेन सड़क सुधार के लिए 2,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे जबलपुर और रायपुर के बीच का सफर भी सात से आठ घंटे के बजाय साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा होगा।
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व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
यह महा-कॉरिडोर दोनों राज्यों के प्रमुख व्यापारिक मार्गों को सीधे जोड़ेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, दमोह, सागर, डिंडोरी और मंडला के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा जैसे शहरों को इस परियोजना का सीधा लाभ पहुंचेगा। राज्य सरकार की 5,500 करोड़ रुपये की टाइगर कॉरिडोर योजना के तहत यह मार्ग कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों को भी आपस में जोड़ेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए इन मुख्य अभ्यारण्यों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
