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सर्पदंश के बाद अंधविश्वास की भेंट चढ़ी महिला: डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, परिजन कराते रहे झाड़-फूंक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Mon, 01 Jun 2026 02:24 PM IST
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सार

सर्पदंश के बाद 25 वर्षीय हर्षिनी शिवहरे को झांसी के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, लेकिन परिजन शव को लेकर राठ, पनवाड़ी और टीकमगढ़ में झाड़-फूंक कराते रहे। बाद में छतरपुर जिला अस्पताल में मायके और ससुराल पक्ष के बीच सूचना छिपाने को लेकर विवाद और हंगामा हो गया।

Doctors Declare Dead Family Seeks Sorcery Superstition and Family Clash Over Snakebite Death in MP
डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, फिर भी परिजन झाड़-फूंक कराते रहे - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

छतरपुर जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में सर्पदंश की शिकार हुई एक महिला की मौत के बाद अंधविश्वास और परिजनों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद परिजन महिला को जीवित होने की उम्मीद में अलग-अलग स्थानों पर झाड़-फूंक कराते रहे। बाद में जिला अस्पताल में मायके और ससुराल पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई।


विषैले सर्प के काटने से गंवाई जान
जानकारी के अनुसार, रामपुर निवासी हर्षिनी शिवहरे (25), पत्नी गोकुल प्रसाद शिवहरे, शनिवार रात अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान उन्हें किसी विषैले सर्प ने काट लिया। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल छतरपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर कर दिया गया।
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शव की झाड़-फूंक भी कराई 
झांसी के अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद हर्षिनी को मृत घोषित कर दिया। हालांकि, परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर सके। वे शव को लेकर पहले राठ और पनवाड़ी क्षेत्र पहुंचे, जहां झाड़-फूंक कराई गई। इसके बाद भी संतुष्टि नहीं मिलने पर महिला के शव को टीकमगढ़ ले जाया गया और वहां भी तांत्रिक विधियों के जरिए उसे जीवित करने का प्रयास किया गया।
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मायके पक्ष के लोग भी पहुंचे अस्पताल
शाम के समय परिजन महिला के शव को लेकर दोबारा जिला अस्पताल छतरपुर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने पुनः जांच के बाद महिला की मौत की पुष्टि कर दी। इसी दौरान मृतका के मायके पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। मायके पक्ष का आरोप था कि उन्हें महिला की हालत और मौत की सूचना समय पर नहीं दी गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर अस्पताल स्टाफ और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।

फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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