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एमपी में समारोह में प्रोटोकॉल पर बवाल: जनपद अध्यक्ष से सीईओ ने छीनी संदेश की किताब, खुद पढ़ने लगे CM का संदेश
Sun, 16 Aug 2026 10:19 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 16 Aug 2026 10:19 PM IST
सार
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के संदेश वाचन को लेकर प्रोटोकॉल विवाद खड़ा हो गया। जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश कंगाली संदेश पढ़ रहे थे, तभी सीईओ जयदेव शर्मा ने उनके हाथ से किताब लेकर खुद संदेश पढ़ना शुरू कर दिया।
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संदेश वाचन करते सीईओ।
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विस्तार
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा के स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब मुख्यमंत्री के संदेश वाचन को लेकर प्रोटोकॉल का मामला सामने आ गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष गणेश कंगाली मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन कर रहे थे। इसी दौरान जनपद पंचायत के सीईओ जयदेव शर्मा अचानक अपनी सीट से उठे और मुख्य अतिथि के हाथ से संदेश वाचन की किताब लेकर स्वयं माइक से मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ना शुरू कर दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच असहज स्थिति बनी
अचानक हुए इस घटनाक्रम से मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच असहज स्थिति बन गई। मुख्य अतिथि गणेश कंगाली कुछ देर तक वहीं खड़े रहे, लेकिन इसके बाद वे मंच से वापस जाने लगे। कार्यक्रम के दौरान हुए इस घटनाक्रम को लेकर मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।
अचानक किताब लेकर माइक पर पहुंच गए सीईओ
बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री के संदेश वाचन के लिए मुख्य अतिथि गणेश कंगाली को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन शुरू किया और कुछ देर तक संदेश पढ़ते रहे। इसी दौरान सीईओ जयदेव शर्मा अपनी सीट से उठकर मंच पर पहुंचे और मुख्य अतिथि के हाथ से संदेश वाचन की किताब लेकर स्वयं मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ना शुरू कर दिया।
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अचानक मुख्य अतिथि से किताब लिए जाने और सीईओ द्वारा स्वयं संदेश वाचन शुरू करने से वहां मौजूद लोगों में चर्चा शुरू हो गई। मुख्य अतिथि कुछ देर तक खड़े रहे और बाद में वहां से वापस जाने लगे।
जनप्रतिनिधियों ने दर्ज कराई आपत्ति
घटना के बाद भाजपा नेता उत्तम ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मामले पर आपत्ति जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम हेमकरण धुर्वे और विधायक राजा कमलेश शाह के समक्ष भी अपनी नाराजगी दर्ज कराई। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि स्वतंत्रता दिवस जैसे गरिमापूर्ण सरकारी कार्यक्रम में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM हेमकरण धुर्वे ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सीईओ जयदेव शर्मा को संदेश वाचन से हटाकर मुख्य अतिथि गणेश कंगाली को दोबारा मंच पर बुलाया। इसके बाद गणेश कंगाली ने मुख्यमंत्री के संदेश का शेष वाचन पूरा किया।
मंच पर कुछ देर बना रहा तनाव का माहौल
अचानक हुए इस घटनाक्रम के कारण समारोह स्थल पर कुछ देर के लिए तनाव और असहजता का माहौल दिखाई दिया। लोगों के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री का संदेश पढ़े जाने के दौरान अधिकारी ने किस आधार पर उनसे किताब लेकर स्वयं संदेश वाचन शुरू किया।
ये भी पढ़ें- AI का गजब उपयोग: महाकाल आए युवक ने जूता खो जाने पर ली चैटजीपीटी की मदद, चंद सेकंड में मिल गई सफलता
कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया
कुछ लोगों ने इसे आदिवासी समाज और जनप्रतिनिधि के सम्मान से जोड़कर भी देखा और पूरे घटनाक्रम की आलोचना की। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसे सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और पद की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कार्रवाई की मांग की। हालांकि, घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के मुख्य समारोह में हुई इस घटना ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच असहज स्थिति बनी
अचानक हुए इस घटनाक्रम से मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच असहज स्थिति बन गई। मुख्य अतिथि गणेश कंगाली कुछ देर तक वहीं खड़े रहे, लेकिन इसके बाद वे मंच से वापस जाने लगे। कार्यक्रम के दौरान हुए इस घटनाक्रम को लेकर मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।
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अचानक किताब लेकर माइक पर पहुंच गए सीईओ
बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री के संदेश वाचन के लिए मुख्य अतिथि गणेश कंगाली को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन शुरू किया और कुछ देर तक संदेश पढ़ते रहे। इसी दौरान सीईओ जयदेव शर्मा अपनी सीट से उठकर मंच पर पहुंचे और मुख्य अतिथि के हाथ से संदेश वाचन की किताब लेकर स्वयं मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ना शुरू कर दिया।
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अचानक मुख्य अतिथि से किताब लिए जाने और सीईओ द्वारा स्वयं संदेश वाचन शुरू करने से वहां मौजूद लोगों में चर्चा शुरू हो गई। मुख्य अतिथि कुछ देर तक खड़े रहे और बाद में वहां से वापस जाने लगे।
जनप्रतिनिधियों ने दर्ज कराई आपत्ति
घटना के बाद भाजपा नेता उत्तम ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मामले पर आपत्ति जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम हेमकरण धुर्वे और विधायक राजा कमलेश शाह के समक्ष भी अपनी नाराजगी दर्ज कराई। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि स्वतंत्रता दिवस जैसे गरिमापूर्ण सरकारी कार्यक्रम में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM हेमकरण धुर्वे ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सीईओ जयदेव शर्मा को संदेश वाचन से हटाकर मुख्य अतिथि गणेश कंगाली को दोबारा मंच पर बुलाया। इसके बाद गणेश कंगाली ने मुख्यमंत्री के संदेश का शेष वाचन पूरा किया।
मंच पर कुछ देर बना रहा तनाव का माहौल
अचानक हुए इस घटनाक्रम के कारण समारोह स्थल पर कुछ देर के लिए तनाव और असहजता का माहौल दिखाई दिया। लोगों के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री का संदेश पढ़े जाने के दौरान अधिकारी ने किस आधार पर उनसे किताब लेकर स्वयं संदेश वाचन शुरू किया।
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कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया
कुछ लोगों ने इसे आदिवासी समाज और जनप्रतिनिधि के सम्मान से जोड़कर भी देखा और पूरे घटनाक्रम की आलोचना की। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसे सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और पद की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कार्रवाई की मांग की। हालांकि, घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के मुख्य समारोह में हुई इस घटना ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
