दमोह मंडी में बवाल: तुलाई रुकी तो किसानों ने जाम कर मंडी पर जड़ दिया ताला, एक घंटे तक थमा सागर-दमोह हाईवे
दमोह कृषि उपज मंडी में तुलाई और डांक नीलामी बंद होने से नाराज किसानों ने सागर-दमोह स्टेट हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्का जाम किया। बाद में मंडी गेट पर ताला जड़कर चेतावनी दी कि तुलाई शुरू होने तक व्यापारियों का माल बाहर नहीं जाएगा।
दमोह कृषि उपज मंडी में तुलाई और डांक नीलामी बंद होने से नाराज किसानों ने सागर-दमोह स्टेट हाईवे पर करीब एक घंटे तक चक्का जाम किया। बाद में मंडी गेट पर ताला जड़कर चेतावनी दी कि तुलाई शुरू होने तक व्यापारियों का माल बाहर नहीं जाएगा।
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विस्तार
कृषि उपज मंडी में तुलाई और डांक नीलामी बंद होने से शनिवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। हम्माल संघ और व्यापारी संघ के बीच तुलाई को लेकर हुए विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। नाराज किसानों ने शाम करीब 4 बजे दमोह–सागर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलने पर तहसीलदार रॉबिन जैन, देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय और सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश के बाद जाम तो खुल गया, लेकिन किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। जाम समाप्त होने के बाद किसानों ने कृषि उपज मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी उपज की तुलाई शुरू नहीं होगी, तब तक व्यापारियों का माल भी मंडी से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
व्यापारियों-हम्मालों के विवाद में फंसे किसान
जानकारी के अनुसार, मंडी में तुलाई के दौरान हम्माल संघ और व्यापारी संघ के बीच विवाद हो गया। इसके बाद व्यापारियों ने डांक नीलामी और तुलाई का कार्य बंद कर दिया। इससे जिलेभर से उपज लेकर पहुंचे किसानों की फसल मंडी में ही अटक गई। किसानों का कहना है कि वे परिवहन खर्च उठाकर मंडी तक उपज लेकर आते हैं, लेकिन बार-बार तुलाई रुकने और फसल निरस्त होने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
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किसानों ने लगाए मनमानी के आरोप
किसानों का आरोप है कि पहले सहमति बनने के बाद भी कई बार तुलाई के बाद उनकी उपज निरस्त कर दी जाती है। उनका कहना है कि हम्मालों और व्यापारियों के विवाद का खामियाजा हर बार किसानों को भुगतना पड़ता है। कई किसान समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन राहत नहीं मिलने पर उन्हें हाईवे जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
किसान नेता बोले- हर बार किसान ही होता है परेशान
किसान नेता गुड्डू पटेल ने कहा कि विवाद हम्मालों और व्यापारियों के बीच होता है, लेकिन नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। शनिवार को भी डांक नीलामी बंद होने से किसानों की उपज मंडी में फंस गई और मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
व्यापारी संघ अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने कहा कि हम्मालों की मनमानी के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है, जिसके चलते डांक नीलामी रोकनी पड़ी। वहीं हम्माल संघ अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने आरोप लगाया कि नियमानुसार तुलाई होने के बाद भी व्यापारी किसानों की उपज लेने से इनकार कर देते हैं और मनमाने ढंग से दाम घटाकर किसानों का नुकसान करते हैं। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की।
तहसीलदार ने दिया समाधान का भरोसा
घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार रॉबिन जैन ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। तहसीलदार ने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया, हालांकि समाचार लिखे जाने तक मंडी में तुलाई का कार्य शुरू नहीं हो सका।
