दमोह पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी गए दो ट्रैक्टर, एक ट्रॉली, एक पानी का टैंकर और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप वाहन बरामद की गई है। बरामद मशरूके की कुल कीमत 24 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है।
मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश जारी है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे वाहन चोरी की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई जांच
बटियागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम घनश्यामपुरा निवासी आशीष जैन ने अपने घर के बाहर खड़े सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होते ही एसपी के निर्देशन में एसडीओपी प्रिया सिंधी के नेतृत्व और थाना प्रभारी रजनी शुक्ला की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों से मिला अहम सुराग
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र पहुंची। वहां से टीकाराम उर्फ जलेश अहिरवार और नीलेश अहिरवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी की वारदात कबूल कर ली।
पिकअप से खींचकर ले जाते थे ट्रैक्टर
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनसान स्थानों पर खड़े ट्रैक्टर, ट्रॉली और पानी के टैंकर को अपनी पिकअप से टोचन कर ले जाते थे। इसके बाद वाहनों को दूसरे जिलों में ले जाकर बेचने की तैयारी करते थे, ताकि उन पर किसी को शक न हो।
आरोपियों की निशानदेही पर हुई बड़ी बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक अन्य ट्रैक्टर, पानी का टैंकर और चोरी में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया। बरामद सामग्री में सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली ₹5.30 लाख, दूसरा ट्रैक्टर ₹4.50 लाख, पानी का टैंकर ₹1.10 लाख, पिकअप वाहन ₹14 लाख कुल बरामदगी 24.80 लाख रुपये की सामग्री शामिल है।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं चार मामले
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि मुख्य आरोपी टीकाराम उर्फ जलेश अहिरवार आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जबकि गिरोह के फरार सदस्य की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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इनकी रही अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में एसडीओपी प्रिया सिंधी, थाना प्रभारी रजनी शुक्ला, बटियागढ़ थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वाहन चोरी के अन्य मामलों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।