{"_id":"6a624a37442a460a6001cc87","slug":"video-koliyan-adda-turns-into-a-political-battleground-2026-07-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"कोलियां अड्डा बना राजनीतिक अखाड़ा, बाढ़ पीड़ितों का दर्द कोई नहीं समझ रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोलियां अड्डा बना राजनीतिक अखाड़ा, बाढ़ पीड़ितों का दर्द कोई नहीं समझ रहा
जैसे ही मानसून दस्तक देने लगा है वैसे ही राजनेता भी घरों से बाहर निकल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आने लगे हैं। अगस्त 2025 में आई बाढ़ को एक वर्ष बीत चुका है लेकिन, ना तो केंद्र सरकार और ना ही राज्य सरकार बाढ़ पीड़िताें के घाव भर पाई है। किसी भी पार्टी के राजनेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। पठानकोट के बॉर्डर क्षेत्र का बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कोलियां अड्डा और माधोपुर हेडवर्क्स राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। जहां बीजेपी-आप पार्टी के नेता पहुंच राजनीतिक रोटियां सेंकने लगे है। जनता का एक ही सवाल है कि आखिर कब तक राजनेता उन्हें मूर्ख बनाएगी? कोई राजनेता यह नहीं कह रहा है कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा कैसे की जाए। जमीनी स्तर पर बेसहारा और बाढ़ पीड़ितों का कोई दर्द नहीं जान रहा।
गुरुवार को भाजपा नेता और पंजाब के पूर्व प्रधान श्वेत मलिक बॉर्डर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित अड्डा कोलियां बीजेपी नेता व वर्करों संग पहुंचे। हालांकि उन्हें यह तक पता नहीं था कि कौन से क्षेत्र है और जहां कैसे तबाही हुई। हलका भोआ की पूर्व विधायक व बीजेपी नेता सीमा देवी व बीजेपी वर्कर उन्हें बाढ़ से हुए नुकसान और कौन सा एरिया कहां है इसकी जानकारी सांझी करती दिखी। जिसके बाद श्वेत मलिक कहते हैं कि लोगों की जान-माल को खतरे में डाल पंजाब सरकार भ्रष्टाचार करने में लगी है। 450 करोड़ रुपए विकास के लिए आए लेकिन, कोई पैसा खर्च नहीं हुआ। इसकी रिपोर्ट पीएम नरेंद्र मोदी को भेजेंगे। क्योंकि राज्य सरकार कुंभकर्णी नींद सौ रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।