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Damoh News: गर्भवती को समय पर नहीं मिली 108 एंबुलेंस, शासन ने सेवा एजेंसी पर लगाया 2.35 लाख का जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Thu, 23 Jul 2026 10:49 PM IST
दमोह जिले के जबेरा विकासखंड के ग्राम बम्होरी में गर्भवती महिला को समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सेवा प्रदाता एजेंसी की लापरवाही सामने आने के बाद जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। गुरुवार शाम कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना 8 जुलाई की है। जबेरा जनपद के ग्राम बम्होरी निवासी 30 वर्षीय कविता बाई, पत्नी स्वर्गीय रतन सिंह को दोपहर में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि एंबुलेंस को पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगेगा। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे ई-रिक्शा से स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में बम्होरी बस स्टैंड के पास ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद महिला को बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय में बैठाकर दोबारा एंबुलेंस का इंतजार किया गया।
महिलाओं ने साड़ियों से बनाया पर्दा, प्रतीक्षालय में कराया सुरक्षित प्रसव
करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची और प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती गई। स्थिति गंभीर होने पर गांव की महिलाओं को बुलाया गया। महिलाओं ने तत्परता दिखाते हुए साड़ियों की सहायता से पर्दा बनाकर यात्री प्रतीक्षालय में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद ग्राम बम्होरी के सरपंच ने अपने निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था की।
कलेक्टर ने दिए थे जांच के निर्देश
घटना की शिकायत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव तक पहुंचने पर उन्होंने तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा की गई जांच में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी की लापरवाही सामने आई। इसके आधार पर संबंधित सेवा प्रदाता जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
शासन ने लगाया ₹2.35 लाख का अर्थदंड
कलेक्टर ने बताया कि शासन स्तर पर प्रस्ताव का परीक्षण किया गया और कंपनी को नोटिस जारी किया गया। जांच में लापरवाही स्वीकार किए जाने के बाद एजेंसी पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
कलेक्टर बोले— भविष्य में होगी और कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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