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Damoh News: मुनि दीक्षा के 44 वर्ष बादआचार्य पद संभालेंगे मुनि समय सागर महाराज, कुंडलपुर आए भावी आचार्य
मुनि दीक्षा के 44 वर्ष बाद मुनि समय सागर जी महाराज आचार्य पद संभालने जा रहे हैं। कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आचार्य पद महोत्सव होगा। इसके लिए समय सागर जी महाराज मंगलवार को दमोह के कुंडलपुर पहुंचे।
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समय सागर जी महाराज का कुंडलपुर में भव्य स्वागत किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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दमोह के कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद महोत्सव में शामिल होने के लिए मुनि संघ कुंडलपुर पहुंच गए हैं। 480 किमी का विहार करते हुए आचार्य पद संभालने मुनि समय सागर महाराज भी मंगलवार दोपहर कुंडलपुर पहुंच गए। मुनि दीक्षा के 44 वर्ष बाद वह आचार्य पद संभालने वाले हैं।
आचार्य विद्या सागर महाराज के ज्येष्ठ निर्यापक मुनि समय सागर सोमवार को हिंडोरिया से विहार करते हुए पटेरा पहुंचे। यहां पर शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल पटेरा में उन्होंने रात्रि विश्राम किया। मंगलवार दोपहर कुंडलपुर के लिए विहार किया। यहां से कुंडलपुर की दूरी पांच किमी है। उनके आगमन की भव्य तैयारियां की गई थी। जैसे ही मुनिश्री कुंडलपुर पहुंचे, सभी निर्यापक, मुनि और आर्यिका ने उनकी भव्य अगवानी की। इस बीच संतों के मंगल मिलन का नजारा भी देखने को मिलेगा। ऐसा पहला अवसर है जब समय सागर महाराज मुनिश्री के रूप में पहुंचेंगे और इसके बाद जहां पर भी विहार करेंगे आचार्यश्री के रूप में निकलेंगे।
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समय सागर जी महाराज का कुंडलपुर में भव्य स्वागत किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
विद्यासागर जी के छोटे भाई हैं समय सागर जी
18 फरवरी को डोंगरगढ़ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज का समाधिमरण होने के बाद उनका आचार्य पद उनके प्रथम शिष्य मुनि समय सागर महाराज को सौंपा जा रहा है। यह भी संयोग है कि मुनि समय सागर महाराज आचार्य श्री के गृहस्थ जीवन के छोटे भाई हैं। समय सागर महाराज छह भाई-बहनों में छठे नंबर पर के हैं। वर्तमान में वे 65 साल के हैं। आचार्यश्री का भी जन्म स्थल कर्नाटक का सदलगा है। मुनिश्री का जन्म 27 अक्टूबर 1958 को हुआ था। मुनिश्री ने ब्रह्मचर्य व्रत 2 मई 1975 को लिया था। 18 दिसंबर 1975 को उनकी छुल्लक दीक्षा हुई थी। 31 अक्टूबर 1978 को एलक दीक्षा नैनागिरी छतरपुर और मुनि दीक्षा 8 मार्च 1980 को जैन सिद्ध क्षेत्र द्रोणगिरी छतरपुर में हुई थी। आचार्य विद्यासागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन के सगे भाई मुनि समय सागर महाराज और मुनि श्री योगसागर जी महाराज दोनों कुंडलपुर में विराजमान हैं।
लगातार पहुंच रहे श्रद्धालु
मुनि समय सागर महाराज के मंगलवार को कुंडलपुर आगमन के चलते सोमवार से कुंडलपुर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। धर्मशाला में रुकने के लिए जगह नहीं बची। सुबह से लेकर रात तक यहां पर जबलपुर, सागर, बीना, खुरई, छतरपुर, टीकमगढ़, जबलपुर, कटनी और विदिशा से श्रद्धालु पहुंच चुके थे। करीब 11 से अधिक बसें श्रद्धालुओं को लेकर कुंडलपुर पहुंच चुकी हैं। देर रात पुलिस ने पार्किंग की व्यवस्था का जायजा लिया।
मुनि वीर सागर के पैरों में पड़ गए छाले
पुणे से विहार करके दमोह पहुंचे निर्यापक मुनि वीर सागर महाराज के कदम सोमवार को हिंडारिया से कुंडलपुर की ओर बढ़ चले। मुनिश्री समय सागर महाराज के पदारोहण महोत्सव में शामिल होने के लिए मुनि वीर सागर एक हजार किमी दूर पुणे से निरंतर विहार करते हुए आ रहे हैं। उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं। समन्ना से विहार करने के बाद सुबह मुनिश्री हिंडोरिया पहुंचे और वह भी कुंडलपुर विहार करेंगे।
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