दमोह जिले के रनेह थाना परिसर से पुलिस अभिरक्षा में रखा गया एक आरोपी मंगलवार तड़के फरार हो गया। आरोपी कथित रूप से झोलाछाप डॉक्टर है, जिसे दो माह पहले गलत इलाज के चलते एक मासूम बच्ची की मौत के मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। आरोपी के फरार होने की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) आनंद कलादगी ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश देने के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश भी दिए हैं।
रात में पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी
पुलिस के अनुसार बमनपुरा निवासी 35 वर्षीय लीलाधर चौधरी के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 एवं मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 से 4 बजे के बीच वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। सुबह घटना का पता चलते ही थाने में हड़कंप मच गया और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ आरोपी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी थाने से निकलते समय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर उसके भागने के रास्ते और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। जिले के आसपास के सभी थानों को भी अलर्ट कर दिया गया है और संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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बिना डिग्री इलाज करने का है आरोप
पुलिस के अनुसार लीलाधर चौधरी कथित रूप से बिना वैध डिग्री के इलाज कर रहा था। आरोप है कि करीब दो माह पहले उसके गलत इलाज के कारण एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए रनेह थाने लाया गया था।
एसपी आनंद कलादगी ने क्या कहा
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई है और लगातार तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का अलग मामला भी दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फरारी के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
थाने से आरोपी के फरार होने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अभिरक्षा से आरोपी के भाग जाने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब थाना परिसर में आरोपी सुरक्षित नहीं रह सका तो सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब दमोह जिले में पुलिस अभिरक्षा से आरोपी फरार हुआ हो। इससे पहले जनवरी माह में दमोह देहात थाना क्षेत्र में चोरी के मामले का एक आरोपी पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला था। उस पर इनाम घोषित किए जाने के बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। लगातार दूसरी बार हुई इस तरह की घटना ने पुलिस व्यवस्था और अभिरक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और गिरफ्तारी पर रहेगी नजर
फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं विभागीय जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि आरोपी किस परिस्थितियों में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।