मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुलिस विभाग एक बार फिर वर्दी में बनाई गई सोशल मीडिया रील को लेकर चर्चा में है। देहात थाना क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी प्रभारी एसआई प्रियंका पटेल का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में वह पुलिस की वर्दी पहनकर चौकी परिसर में अपनी सरकारी कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और उस समय चौकी प्रभारी ड्यूटी पर थीं या नहीं। बावजूद इसके, वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
रील की एक पंक्ति बनी चर्चा का विषय
वायरल वीडियो में चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल अपनी कुर्सी पर बैठी नजर आती हैं। वीडियो पर लिखा है, खुद की समस्याएं सुलझ नहीं रहीं और नौकरी दूसरों की समस्या सुलझाने वाली कर लिए। इसी संदेश को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों ने इसे एक पुलिस अधिकारी की व्यक्तिगत भावनाओं की अभिव्यक्ति बताया, जबकि कई लोगों ने वर्दी में इस तरह की रील बनाने को अनुशासन और पुलिस की गरिमा के विपरीत बताया। वीडियो वायरल होने के बाद यह फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
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एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने लिया संज्ञान
मामले में सोमवार दोपहर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए हैं। एएसपी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्दी में रील बनाने को लेकर पहले से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी हैं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि विभागीय नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग करते समय विभागीय अनुशासन और वर्दी की गरिमा का विशेष ध्यान रखें।
पुलिस मुख्यालय पहले ही जारी कर चुका है सख्त निर्देश
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय समय-समय पर सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है। इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वर्दी पहनकर मनोरंजनात्मक, अभिनय आधारित अथवा व्यक्तिगत रील और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें। विभाग का मानना है कि इस प्रकार की सामग्री से पुलिस की पेशेवर छवि प्रभावित होती है और आमजन के बीच गलत संदेश जा सकता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे कई मामले
यह पहला अवसर नहीं है जब किसी पुलिस अधिकारी की वर्दी में बनाई गई रील चर्चा का विषय बनी हो। इससे पहले भी मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पुलिसकर्मियों के वर्दी में रील बनाने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं। कई मामलों में विभागीय जांच के बाद कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
लूट की बड़ी वारदात के बीच वायरल हुआ वीडियो
रील ऐसे समय वायरल हुई है जब देहात थाना क्षेत्र हाल ही में हुई एक बड़ी आपराधिक घटना को लेकर भी चर्चा में है। दो दिन पहले नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र के सूखी पिपरिया गांव में हथियारबंद बदमाशों ने एक गल्ला व्यापारी के घर में घुसकर कट्टे की नोक पर लाखों रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस अभी आरोपियों की तलाश और जांच में जुटी हुई है। ऐसे समय चौकी प्रभारी की वायरल रील को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की टिप्पणियां और सवाल भी उठ रहे हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
पुलिस विभाग ने फिलहाल मामले में जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो विभागीय नियमों का उल्लंघन है या नहीं और संबंधित अधिकारी के खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई की जाएगी या नहीं। तब तक पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

महिला पुलिसकर्मी प्रियंका पटेल ने बनाई रील