Datia By Election: दतिया उपचुनाव में घनश्याम सिंह ने भरा नामांकन, दिग्विजय के 'चल हट' बयान पर गरमाई सियासत
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन के साथ चुनावी बिगुल फूंक दिया है। पार्टी प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र जमा किया। इस दौरान मंच पर प्रदेश के दिग्गज नेता मौजूद रहे। वहीं, इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से सियासत गरमागई है। चलिए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या कहा है?
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मीडिया से रुबरू होते हुए राजेंद्र भारती ने जीत का भरोसा जताया। उन्होंने अंगूठा दिखाकर कहा कि दतिया की जनता मन बना चुकी है। 2023 में जो जनादेश मिला था, वही 2026 में भी दोहराया जाएगा। भाजपा में टिकट कटने को लेकर मचे घमासान पर उन्होंने तंज कसा। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के सवाल पर बोले कि इससे सिर्फ कांग्रेसी ही नहीं, दतिया की आम जनता भी खुश है। 20 साल की सत्ता से लोग त्रस्त हो चुके हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि 'चल हट'
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम सब एकजुट हैं। कार्यकर्ता से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक मिलकर कांग्रेस की जीत के लिए काम करेगा। सभा से पहले दिग्विजय पीतांबरा माई के मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की शांति की कामना की। मंदिर से निकलने के बाद जब मीडिया ने उनसे चुनावी सवाल पूछे तो उन्होंने कहा, 'चल हट'।
'हम तो अपनी लड़ाई लड़ेंगे'
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि माई की कृपा बनी रहे। इसके बाद जब मीडियाकर्मियों ने उनसे राजनीतिक सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि अरे, छोड़ो राजनीति की बात। चंदा चोरी की बात करो। चंदा चोरों को बचाओ मत, मोदी जी। चंपत राय सबसे बड़ा चोर है, डकैत है। इन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को जो करना है, वह करे। हम तो अपनी लड़ाई लड़ेंगे। यहां भाजपा-कांग्रेस की बात मत करो। माई के दरबार में सब एक हैं। ये कहते हुए दिग्विजय आगे बढ़ते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे हैं।
भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई
दिग्विजय का यह जवाब कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दिग्विजय के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि यह कांग्रेस के शीर्ष नेता की पत्रकारिता विरोधी सोच का प्रमाण है। सवाल पूछना पत्रकार का धर्म है और जवाब देना नेता का। इस तरह की भाषा लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
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'कांग्रेस बौखलाहट में है'
आशीष अग्रवाल ने आगे कहा कि कांग्रेस बौखलाहट में है। उन्हें पता है कि दतिया में उनकी जमीन खिसक रही है, इसलिए बड़े नेता इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। नामांकन के दिन कांग्रेस ने एकजुटता और आक्रामकता दोनों दिखाई। एक तरफ राजेंद्र भारती जीत का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिग्विजय के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि दतिया की जनता 20 साल के भाजपा शासन को बरकरार रखती है या 2023 जैसा बदलाव फिर दोहराती है। आने वाले दिन प्रचार के लिहाज से बेहद अहम होंगे।
अवधेश नायक की गैरमौजूदगी की राजनीतिक गलियारों में चर्चा
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन कार्यक्रम के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की गैरमौजूदगी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। कार्यक्रम में उनके शामिल नहीं होने से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार दतिया में ब्राह्मण समाज के प्रभावशाली नेता माने जाने वाले अवधेश नायक के भारतीय जनता पार्टी में जाने की चर्चाएं तेज हैं। उल्लेखनीय है कि उन्होंने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से नाराजगी के बाद विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का दामन थामा था।
अब डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद अवधेश नायक के दोबारा भाजपा में लौटने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो इसका असर उपचुनाव में कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि अवधेश नायक कांग्रेस के चुनाव प्रचार और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखते हैं तो उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों को और बल मिल सकता है। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिलहाल उनसे संपर्क कर उन्हें मनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, अवधेश नायक की ओर से भाजपा में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
